डाकपत्थर महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकारों पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित
डाकपत्थर।वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाकपत्थर में “वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी प्रगति में बौद्धिक संपदा अधिकार” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के बौद्धिक संपदा प्रकोष्ठ एवं रसायन विज्ञान विभाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) गोविंद सिंह राजवार तथा मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) बीना जोशी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डी. एस. नेगी का संरक्षण प्राप्त हुआ। कार्यशाला के संयोजक डॉ. ए. एम. पैन्यूली एवं डॉ. रोहित वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी वैज्ञानिक शोध, नवाचार और तकनीकी प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। शोध, आविष्कार एवं मौलिक विचारों की सुरक्षा के लिए इस विषय की समझ विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने में सहायक होती हैं।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने बौद्धिक संपदा अधिकार, शोध संरक्षण, नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों के विधिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. दीपक भट्ट, डॉ. कमल कुमार बिष्ट और डॉ. आशीष रतूड़ी ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजकुमारी भंडारी चौहान एवं डॉ. आराधना भंडारी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री भगवती प्रसाद कोठियाल, श्री अजय मोहन, अनमोल पैन्यूली, डॉ. राधेश्याम गंगवार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

