अल्मोड़ा के लोककलाकार गुसाई सिंह राणा के गीतों की सोशल मीडिया पर धूम, सांस्कृतिक मंचों पर बुलाने की मांग
अल्मोड़ा। रीठागाड़ पट्टी नौगांव क्षेत्र के कनारीछीना गांव निवासी 65 वर्षीय लोककलाकार गुसाई सिंह राणा इन दिनों अपने लोकगीतों के जरिए सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय हो रहे हैं। उनकी मधुर आवाज और पारंपरिक प्रस्तुतियों को लोगों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।
गुसाई सिंह राणा लंबे समय से कुमाऊंनी लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने रजूला-मालूशाही, झोड़ा-चांचरी, रामबौरा-बौराणी गाथा, देवी-देवताओं के जागर और रामलीला मंचन में विभिन्न किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने कला जीवन की शुरुआत श्रीराम के पात्र से रामलीलाओं में अभिनय के साथ की थी।
वे नंदा देवी मेला और मकर संक्रांति मेला सहित कई प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उनकी गायकी और अभिनय को स्थानीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है।
रीठागाड़ी दगड़ियो संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने बताया कि गुसाई सिंह राणा एक साधारण परिवार से होने के बावजूद लोकसंस्कृति के प्रति समर्पित रहे हैं। उन्होंने मात्र 14 वर्ष की आयु से लोकसंगीत में योगदान देना शुरू किया और आज भी अपनी कला से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने उत्तराखंड के सांस्कृतिक विभाग से मांग की है कि ऐसे अनुभवी लोककलाकारों को विभिन्न मंचों पर आमंत्रित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी को पारंपरिक लोकसंगीत और संस्कृति से सीखने का अवसर मिल सके।

