सहकारी समितियों के चुनावों में भाजपा का दबदबा,98 प्रतिशत बोर्डों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत
देहरादून। प्रदेश में सम्पन्न हुए सहकारी समितियों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 98 प्रतिशत बोर्डों पर जीत दर्ज कर अपना वर्चस्व कायम किया है। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की शानदार जीत से विपक्ष को बड़ा झटका लगा है।
प्रदेशभर में कुल 39 सहकारी समितियों में से 38 समितियों में चुनाव सम्पन्न हुए, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का स्पष्ट दबदबा देखने को मिला। विशेष रूप से टिहरी की जौनपुर मगरा सहकारी समिति और हरिद्वार की लंढौर समिति में 68 वर्षों बाद पहली बार पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित हुई, जिसे सहकारिता क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों के अनुसार संचालक मंडल के लिए कुल 348 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए। इनमें अल्मोड़ा से 9, उत्तरकाशी 37, पौड़ी 58, हरिद्वार 26, टिहरी 15, चम्पावत 11, ऊधमसिंह नगर 91, देहरादून 38, पिथौरागढ़ 14 तथा नैनीताल से 49 प्रतिनिधि चुने गए। निर्वाचित प्रतिनिधियों में 136 महिलाएं और 212 पुरुष शामिल हैं।
अध्यक्ष पद के लिए 37 प्रतिनिधियों का चयन हुआ, जिनमें 16 महिलाएं और 21 पुरुष हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर 25 प्रतिनिधियों का निर्वाचन हुआ, जिनमें 2 महिलाएं तथा 23 पुरुष शामिल हैं।
अन्य संस्थाओं में भेजे जाने वाले 418 प्रतिनिधियों का भी निर्वाचन हुआ, जिनमें 132 महिलाएं और 286 पुरुष शामिल हैं। जिलेवार आंकड़ों में ऊधमसिंह नगर सबसे आगे रहा, जहां 111 प्रतिनिधि निर्वाचित हुए। इसके बाद नैनीताल में 99, देहरादून में 51, पौड़ी में 38, हरिद्वार में 35, उत्तरकाशी में 25, टिहरी में 23 तथा पिथौरागढ़ में 12 प्रतिनिधि चुने गए।
सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चुनाव परिणामों को भाजपा की जनहितकारी नीतियों, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को मजबूत करने वाली है।

