चारधाम यात्रा स्वास्थ्य सुरक्षा पर फोकस, राज्यों के समन्वय से हेल्थ अलर्ट अभियान शुरू
देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने इस बार स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक रणनीति लागू की है। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे के निर्देशन में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका उद्देश्य यात्रा के दौरान संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना और जागरूकता बढ़ाना है।
इसी क्रम में अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करते हुए विभाग ने राजस्थान के साथ पहल शुरू की है। 9 अप्रैल 2026 को सहायक निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने राजस्थान में स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा से जुड़े स्वास्थ्य सुझाव साझा किए। निर्णय लिया गया कि इन दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु यात्रा से पहले ही आवश्यक सावधानियों को समझ सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि हेल्थ एडवाइजरी केवल शहरों तक सीमित न रहकर गांव-गांव तक पहुंचे। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी, जिससे अधिकतम श्रद्धालु लाभान्वित हो सकें और आपात स्वास्थ्य स्थितियों में कमी लाई जा सके।
जारी दिशा-निर्देशों में विशेष रूप से बुजुर्गों, हृदय और सांस संबंधी रोगियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, मौसम परिवर्तन और लंबी पैदल यात्रा को देखते हुए आवश्यक तैयारी और दवाइयों पर भी जोर दिया गया है।
सचिन कुर्वे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं और जारी गाइडलाइन का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बन सके। वहीं डॉ. अमित शुक्ला ने कहा कि उद्देश्य यही है कि श्रद्धालु पूरी तैयारी और जागरूकता के साथ यात्रा पर निकलें, जिससे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

