वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व सैनिक मंसा राम मलियाल का निधन, आंदोलनकारी मंच ने जताया गहरा शोक
देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं भूतपूर्व सैनिक संगठन के महासचिव मंसा राम मलियाल के 90 वर्ष की आयु में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मंच के पदाधिकारियों एवं आंदोलनकारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सलाहकार केशव उनियाल, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी तथा रविन्द्र जुगरान ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मंसा राम मलियाल का राज्य आंदोलन में योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने संयुक्त संघर्ष समिति एवं पूर्व सैनिक संगठन के माध्यम से पछवादून क्षेत्र में आंदोलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान उन्होंने मातृशक्ति, युवाओं और पूर्व सैनिकों को एकजुट कर बंद, चक्का जाम, बैठकों और जनसभाओं में सक्रिय नेतृत्व किया।
प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, प्रदेश महामंत्री रामलाल खंडूड़ी एवं राजेश्वरी परमार ने कहा कि मंसा राम मलियाल ने पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन के साथ-साथ सेना में रहते हुए चीन और पाकिस्तान युद्धों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा दो वर्ष पूर्व राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर उन्हें “गौरव सैनानी सम्मान” से सम्मानित किया गया था।
सुलोचना भट्ट ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी एक-एक कर इस दुनिया से विदा हो रहे हैं, लेकिन आज भी शासन स्तर पर आंदोलनकारियों को निधन के बाद सम्मानजनक विदाई देने की व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है।
शोक व्यक्त करने वालों में केशव उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, रविन्द्र जुगरान, अशोक वर्मा, रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, सतेन्द्र भण्डारी, पृथ्वी सिंह नेगी, ओमी उनियाल, विजय बलूनी, अनुज नौटियाल, हरी सिंह मेहर, सुशील चमोली, मनोज नौटियाल, मोहन रावत, सुमित थापा, विनोद असवाल, प्रभात डण्डरियाल, गणेश डंगवाल, वेदा कोठारी, राकेश नौटियाल, राजेश पान्थरी, सुलोचना भट्ट, पुष्पलता सिलमाणा, राधा तिवारी, द्वारिका बिष्ट, तारा पाण्डे, राजेश्वरी परमार, शकुन्तला रावत, रामेश्वरी नेगी, अरुणा थपलियाल एवं कमला कंडारी सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी शामिल रहे।

