रील बनाते समय गंगा में गिरा युवक, SDRF और 40वीं वाहिनी PAC की तत्परता से बची जान
ऋषिकेश। गर्मी की छुट्टियों, चारधाम यात्रा और राफ्टिंग सीजन के चलते ऋषिकेश के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर SDRF द्वारा नीम बीच घाट और त्रिवेणी घाट पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इसी सतर्कता के चलते मंगलवार को नीम बीच घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, 02 जून 2026 को नीम बीच घाट पर एक युवक मोबाइल फोन से रील बना रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह गंगा नदी में गिर गया। घटना के समय घाट पर SDRF की टीम पहले से तैनात थी और लगातार निगरानी कर रही थी।
युवक को नदी में गिरते देख SDRF के हेड कांस्टेबल किशोर कुमार ने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी और डूब रहे युवक तक पहुंच गए। वहीं अन्य टीम सदस्यों ने थ्रो-बैग का उपयोग करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीम के संयुक्त प्रयासों से युवक को सुरक्षित नदी से बाहर निकालकर किनारे लाया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान 40वीं वाहिनी PAC आपदा राहत दल की टीम भी मौके पर मौजूद रही। PAC और SDRF के बीच बेहतर समन्वय के चलते बचाव कार्य तेजी से पूरा किया गया और युवक की जान बचाई जा सकी। युवक और उसके साथियों ने SDRF तथा 40वीं वाहिनी PAC की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।
SDRF ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि गंगा नदी के किनारे रील बनाने, सेल्फी लेने या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें।
रेस्क्यू टीम में ADSI रवि रावत, हेड कांस्टेबल किशोर कुमार एवं कांस्टेबल रजत तोमर शामिल रहे

