उत्तरांचल पंजाबी महासभा में एकता की पहल, दोनों गुटों ने पुरानी कोर कमेटी का निर्णय मानने पर जताई सहमति

देहरादून। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की एक वृहद बैठक श्री गीता भवन, राजा रोड में आयोजित की गई। बैठक में संगठन विस्तार, प्रदेशभर में नई इकाइयों के गठन तथा संगठन को मजबूत बनाने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का नेतृत्व उत्तराखंड प्रभारी एवं कोर कमेटी के सदस्य सुभाष कोहली, राकेश ओबेरॉय, सविता ओबेरॉय और हरीश नारंग ने किया।
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में महासभा से अलग होकर नया गुट बनाने वाले बलदेव पराशर, जी.एस. आनंद और सरदार पी.एस. कोचर अपने सहयोगियों के साथ बैठक में पहुंचे और संगठन में एकता स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि समाज के हित में अलग-अलग गुटों में कार्य करने के बजाय सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
एकता के प्रस्ताव पर उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से सुझाव दिया कि अलग गुट द्वारा की गई सभी असंवैधानिक घोषणाओं को निरस्त करते हुए पूर्व की कोर कमेटी को सर्वोच्च माना जाए। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि तिलक राज बेहड़, सरदार हरभजन सिंह चीमा, सुभाष कोहली, राकेश ओबेरॉय, राजकुमार अरोरा, प्रदीप सचदेवा, राजीव घई, दिनेश मानसेरा और जगदीश पाहवा की पुरानी कोर कमेटी की बैठक बुलाई जाए तथा जो भी निर्णय यह समिति ले, उसे दोनों पक्ष अंतिम रूप से स्वीकार करें।
इस प्रस्ताव पर दूसरे पक्ष ने भी अपनी सहमति जताई और पुरानी कोर कमेटी के निर्णय को सर्वोपरि मानने की घोषणा की। दोनों पक्षों के इस सकारात्मक रुख का बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। साथ ही शीघ्र संयुक्त बैठक आयोजित कर संगठनात्मक एकता को औपचारिक रूप देने का निर्णय लिया गया।
बैठक का संचालन हरीश नारंग ने किया।
इस अवसर पर अनिल मारवाह, सरदार बलविंदर सिंह साहनी, गोपाल पुरी, आशीष नागरथ, सुनील मेसोन, सरदार संतोख नागपाल, नवनीत ओबेरॉय, सुनील विरमानी, हरीश कोहली, सरदार मेजर सिंह, सतीश कपूर, सुनील बांगा, सरदार गुरजिंदर सिंह, सरदार रविंद्र सिंह, नरेश चंडोक, अर्जुन कोहली, राजू गुलाटी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
