मुठभेड़ में राजस्थान का बदमाश घायल, एक गिरफ्तार; विकासनगर में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नयागांव क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान राजस्थान के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया, जबकि दूसरे को कॉम्बिंग अभियान के दौरान दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार बरामद की है।
जानकारी के अनुसार 4 जून 2026 की रात कोतवाली पटेलनगर पुलिस नयागांव बैरियर पर चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान देहरादून की ओर से आ रही राजस्थान नंबर की एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर कार सवार बदमाशों ने वाहन को तेज गति से पुलिस कर्मियों की ओर दौड़ाते हुए उन्हें कुचलने की कोशिश की और बैरियर तोड़कर सिंहनीवाला की तरफ फरार हो गए।
पुलिस टीम ने तत्काल पीछा किया। पीछा किए जाने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और चांदनी चौक से भूरपुर की ओर भाग निकले। आगे रामगढ़ के रपटे के पास बदमाश कार छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। इस दौरान बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग में एक गोली पुलिस के निजी वाहन के शीशे पर लगी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गए।
घायल बदमाश की पहचान रिंकू मीणा पुत्र सियाराम निवासी दौसा, राजस्थान के रूप में हुई। उसके कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपने चार अन्य साथियों के साथ विकासनगर क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना का खुलासा किया। घायल बदमाश को पहले प्रेमनगर अस्पताल और बाद में दून अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके बाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमों ने सघन कॉम्बिंग अभियान चलाकर दूसरे आरोपी विनोद कुमार मीणा निवासी करौली, राजस्थान को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से भी 315 बोर का एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में धारा 109(1), 3(5) बीएनएस तथा 25(1-B)(a) शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, दुष्कर्म, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस घटना में शामिल फरार अन्य बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह गुसाईं, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद शाह, उपनिरीक्षक प्रवीण पुंडीर, उपनिरीक्षक रफत अली, हेड कांस्टेबल सुनीत कुमार, कांस्टेबल अरुण कुमार, मनोहर सिंह और चमन चित्राण शामिल रहे। वहीं एसओजी टीम में उपनिरीक्षक संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल चमन कुमार, कांस्टेबल ललित कुमार और सौरभ कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

