दून पुलिस ने कोबरा गैंग के सरगना को दिल्ली से दबोचा, कॉलेज छात्रों और पार्टी सर्किट में होती थी कोकीन सप्लाई
देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को साकार करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में थाना राजपुर पुलिस ने संगठित कोबरा गैंग के मुख्य सरगना जॉन उर्फ जोसेफ उर्फ मॉरिस उर्फ एनडी ब्रदर को दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देहरादून समेत विभिन्न शहरों में कोकीन की सप्लाई करने का आरोप है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 3 जून 2026 को थाना राजपुर पुलिस ने जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास चेकिंग के दौरान जावेद आलम निवासी देवबंद, सहारनपुर को 11.77 ग्राम अवैध कोकीन के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ में जावेद आलम ने बताया कि वह कोकीन की सप्लाई विशेष रूप से शहर में आयोजित होने वाली बड़ी पार्टियों और विभिन्न कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को करता था। उसने खुलासा किया कि उसे यह मादक पदार्थ दिल्ली निवासी जॉन उर्फ जोसेफ उपलब्ध कराता था।
जावेद आलम से मिली जानकारी के आधार पर दून पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली के मालवीय नगर में दबिश देकर मुख्य आरोपी जॉन उर्फ जोसेफ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई नाम रखे हुए हैं। वह मूल रूप से पश्चिमी अफ्रीकी देश Côte d’Ivoire (आइवरी कोस्ट) का निवासी है और पिछले दो वर्षों से दिल्ली में रह रहा था।
आरोपी ने स्वीकार किया कि कोकीन तस्करी से होने वाली भारी कमाई के चलते वह अपने नेटवर्क और पैडलरों के माध्यम से दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों में मादक पदार्थों की सप्लाई करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह देहरादून में आयोजित पार्टियों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं को निशाना बनाकर कोकीन की आपूर्ति कराता था।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी का पासपोर्ट और वीजा दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका था तथा वह बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहा था। इस संबंध में भी पुलिस द्वारा अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी देहरादून ने कहा कि युवा वर्ग अक्सर नशा तस्करों का आसान निशाना बनता है, लेकिन युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि दून पुलिस की नशा तस्करी के हर तरीके पर पैनी नजर है और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल व्यक्तियों का अंतिम ठिकाना केवल जेल है।
पुलिस टीम में थानाध्यक्ष राजपुर उपनिरीक्षक पी.डी. भट्ट, उपनिरीक्षक सूरज कंडारी, अपर उपनिरीक्षक कीर्ती लाल, कांस्टेबल सोनी कुमार, सौरभ रावत, कुलदीप सिंह तथा मुस्तकीम शामिल रहे।

