ऋषिकेश में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ 3 गिरफ्तार

ऋषिकेश में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ 3 गिरफ्तार
Spread the love

ऋषिकेश। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ऋषिकेश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आबकारी निरीक्षक श्रीमती प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में सोमवार को टिहरी बस अड्डा, चंद्रेश्वर नगर तथा आसपास के क्षेत्रों में संघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

कार्रवाई के दौरान चंद्रेश्वर नगर और टिहरी बस स्टैंड क्षेत्र में अवैध शराब का भंडारण एवं बिक्री करते हुए एक महिला और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 55 पव्वे अंग्रेजी शराब, 35 पाउच माल्टा देशी शराब तथा 22 केन बीयर बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा लगभग तीन पेटी बताई गई है।

आबकारी विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सविता पत्नी राजकुमार, निवासी चंद्रेश्वर नगर शुभम पुत्र बाबूराम, निवासी आवास विकास कॉलोनी,दीपक, निवासी ऋषिकेश के रूप में हुई।

दबिश टीम में पान सिंह राणा, उप आबकारी निरीक्षकआशीष प्रकाश, उप आबकारी निरीक्षक
अर्जुन सिंह, उप आबकारी निरीक्षक
अंकित कुमार, आशीष चौहान, रेशमा एवं सोनम (आबकारी सिपाही) शामिल रहे।

देवभूमि खबर

Related articles

शुक्रवार की परेड में जवानों संग दौड़ीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी शारीरिक दक्षता  टिहरी गढ़वाल। पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन चंबा के परेड मैदान में साप्ताहिक परेड आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने स्वयं परेड में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया।  परेड के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयं दौड़ में प्रतिभाग किया और उनकी शारीरिक दक्षता परखी। वरिष्ठ अधिकारी को जवानों के बीच मैदान में सक्रिय रूप से भाग लेते देखकर पुलिस कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि पुलिस कर्मियों को किसी भी समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करनी पड़ सकती है।  साप्ताहिक परेड में पुलिस कर्मियों ने अनुशासित मार्च, ड्रिल, शस्त्र संचालन और विभिन्न शारीरिक दक्षता संबंधी अभ्यास किए। एसएसपी ने शस्त्र प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, संचालन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी उपयोग में लगातार दक्ष बनाया जाए।  पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की भी एसएसपी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों से आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को पुलिस ड्यूटी से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, जनता के साथ बेहतर व्यवहार और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।  परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन चंबा परिसर का निरीक्षण कर व्यायामशाला, परिवहन शाखा, भोजनालय, प्रशिक्षण कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन में स्वच्छता बनाए रखने, भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पुलिस वाहनों की नियमित फिटनेस एवं रख-रखाव, व्यायामशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित एवं प्रभावी रखने के निर्देश दिए।  एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों को नियमित व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना, आपदा, बचाव अभियान, भीड़ प्रबंधन और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और टीम भावना प्रभावी पुलिसिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

शुक्रवार की परेड में जवानों संग दौड़ीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी शारीरिक दक्षता टिहरी गढ़वाल। पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन चंबा के परेड मैदान में साप्ताहिक परेड आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने स्वयं परेड में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया। परेड के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयं दौड़ में प्रतिभाग किया और उनकी शारीरिक दक्षता परखी। वरिष्ठ अधिकारी को जवानों के बीच मैदान में सक्रिय रूप से भाग लेते देखकर पुलिस कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि पुलिस कर्मियों को किसी भी समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करनी पड़ सकती है। साप्ताहिक परेड में पुलिस कर्मियों ने अनुशासित मार्च, ड्रिल, शस्त्र संचालन और विभिन्न शारीरिक दक्षता संबंधी अभ्यास किए। एसएसपी ने शस्त्र प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, संचालन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी उपयोग में लगातार दक्ष बनाया जाए। पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की भी एसएसपी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों से आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को पुलिस ड्यूटी से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, जनता के साथ बेहतर व्यवहार और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन चंबा परिसर का निरीक्षण कर व्यायामशाला, परिवहन शाखा, भोजनालय, प्रशिक्षण कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन में स्वच्छता बनाए रखने, भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पुलिस वाहनों की नियमित फिटनेस एवं रख-रखाव, व्यायामशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित एवं प्रभावी रखने के निर्देश दिए। एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों को नियमित व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना, आपदा, बचाव अभियान, भीड़ प्रबंधन और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और टीम भावना प्रभावी पुलिसिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।