अपराध गोष्ठी में एसएसपी अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोडके के कड़े निर्देश, नशा तस्करी व साइबर अपराध पर कार्रवाई तेज

Spread the love

अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुलिस लाइन अल्मोड़ा सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में आगामी छात्रसंघ चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के साथ अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी, साइबर अपराध, महिला अपराध और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सैनिक सम्मेलन के दौरान एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत, सामूहिक एवं विभागीय समस्याओं की जानकारी ली और उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके बाद अपराध गोष्ठी में थानेवार अपराधों, अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई, लंबित विवेचनाओं और मामलों के निस्तारण की समीक्षा की गई। सभी विवेचकों को गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और साक्ष्यपरक विवेचना करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

आगामी छात्रसंघ चुनाव के मद्देनजर एसएसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को कॉलेज प्रबंधन और छात्र प्रतिनिधियों से निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। चुनाव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी रखने तथा आवश्यक निरोधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। कस्बा क्षेत्रों में लगातार गश्त, पिकेट और रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ थाना प्रभारियों को शाम के समय अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय और मौजूद रहने के निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने कहा कि कस्बा क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से टोली बनाकर रात में घूमने वाले युवाओं से आवश्यक पूछताछ की जाए तथा हुड़दंग या नशे में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और जनजागरूकता के लिए चौपाल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

नशा तस्करी पर सख्ती के निर्देश देते हुए थाना प्रभारियों और एसओजी को स्मैक, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। शराब तस्करों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई तथा भांग की अवैध खेती के विनष्टीकरण के निर्देश भी दिए गए।

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी थानों में एमआरएम पोर्टल पर एक-एक कार्मिक नियुक्त करने तथा एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। नाबालिगों से संबंधित शिकायतों में बाल कल्याण समिति के माध्यम से काउंसलिंग कराने तथा आवश्यकतानुसार सोशल मीडिया सामग्री हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

एसएसपी ने महिला अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, तेज एवं लापरवाही से वाहन चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश और सत्यापन के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाने को भी कहा गया।

बैठक में पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने की हिदायत दी गई। साथ ही नए कानूनों, साइबर अपराध, यातायात नियमों और नशा विरोधी अभियान को लेकर अधिक से अधिक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। सहायक निदेशक अभियोजन सुनीता भट्ट ने अभियोजन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

उपनिरीक्षक अनिल जोशी बने ‘एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ’

उत्कृष्ट पुलिसिंग, गुडवर्क और मानवीय कार्यों के लिए 15 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कोतवाली अल्मोड़ा की बेस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक अनिल जोशी को ‘एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ’ चुना गया। उन्होंने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 19 लाख रुपये के ऋण प्रकरण में वांछित अभियुक्त को सुरागरसी-पतारसी और अथक प्रयासों के बाद गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रशस्ति पत्र पाने वालों में थानाध्यक्ष अजेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक दिनेश सिंह परिहार, हेड कांस्टेबल नीरज बिष्ट, हेड कांस्टेबल राजकुमार कंबोज, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल टीका कार्की, हेड कांस्टेबल प्रदीप कार्की, कांस्टेबल किशोर फर्त्याल, कांस्टेबल योगेश कुमार, कांस्टेबल राकेश खेतवाल, फायरमैन प्रियांशु कुमार, होमगार्ड भोलेनाथ, होमगार्ड सुनील दत्त और अनुचर मोहिनी राणा शामिल रहे।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह, क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा बलबन्त सिंह रावत, क्षेत्राधिकारी रानीखेत भावना कैंथोला, क्षेत्राधिकारी संचार राजीव कुमार टम्टा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र सिंह कुंवर सहित जनपद के विभिन्न थाना, चौकी और शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

Related articles

शुक्रवार की परेड में जवानों संग दौड़ीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी शारीरिक दक्षता  टिहरी गढ़वाल। पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन चंबा के परेड मैदान में साप्ताहिक परेड आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने स्वयं परेड में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया।  परेड के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयं दौड़ में प्रतिभाग किया और उनकी शारीरिक दक्षता परखी। वरिष्ठ अधिकारी को जवानों के बीच मैदान में सक्रिय रूप से भाग लेते देखकर पुलिस कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि पुलिस कर्मियों को किसी भी समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करनी पड़ सकती है।  साप्ताहिक परेड में पुलिस कर्मियों ने अनुशासित मार्च, ड्रिल, शस्त्र संचालन और विभिन्न शारीरिक दक्षता संबंधी अभ्यास किए। एसएसपी ने शस्त्र प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, संचालन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी उपयोग में लगातार दक्ष बनाया जाए।  पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की भी एसएसपी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों से आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को पुलिस ड्यूटी से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, जनता के साथ बेहतर व्यवहार और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।  परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन चंबा परिसर का निरीक्षण कर व्यायामशाला, परिवहन शाखा, भोजनालय, प्रशिक्षण कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन में स्वच्छता बनाए रखने, भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पुलिस वाहनों की नियमित फिटनेस एवं रख-रखाव, व्यायामशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित एवं प्रभावी रखने के निर्देश दिए।  एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों को नियमित व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना, आपदा, बचाव अभियान, भीड़ प्रबंधन और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और टीम भावना प्रभावी पुलिसिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

शुक्रवार की परेड में जवानों संग दौड़ीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी शारीरिक दक्षता टिहरी गढ़वाल। पुलिस बल की शारीरिक दक्षता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन चंबा के परेड मैदान में साप्ताहिक परेड आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे ने स्वयं परेड में शामिल होकर पुलिस अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षणरत रिक्रूट आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया। परेड के दौरान एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयं दौड़ में प्रतिभाग किया और उनकी शारीरिक दक्षता परखी। वरिष्ठ अधिकारी को जवानों के बीच मैदान में सक्रिय रूप से भाग लेते देखकर पुलिस कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि पुलिस कर्मियों को किसी भी समय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करनी पड़ सकती है। साप्ताहिक परेड में पुलिस कर्मियों ने अनुशासित मार्च, ड्रिल, शस्त्र संचालन और विभिन्न शारीरिक दक्षता संबंधी अभ्यास किए। एसएसपी ने शस्त्र प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि पुलिस कर्मियों को शस्त्रों के सुरक्षित रख-रखाव, संचालन और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित एवं प्रभावी उपयोग में लगातार दक्ष बनाया जाए। पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण की भी एसएसपी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों से आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण को पुलिस ड्यूटी से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, कानून की जानकारी, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, जनता के साथ बेहतर व्यवहार और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। परेड के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन चंबा परिसर का निरीक्षण कर व्यायामशाला, परिवहन शाखा, भोजनालय, प्रशिक्षण कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस लाइन में स्वच्छता बनाए रखने, भोजनालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पुलिस वाहनों की नियमित फिटनेस एवं रख-रखाव, व्यायामशाला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित एवं प्रभावी रखने के निर्देश दिए। एसएसपी श्वेता चौबे ने जवानों को नियमित व्यायाम और शारीरिक प्रशिक्षण को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। सड़क दुर्घटना, आपदा, बचाव अभियान, भीड़ प्रबंधन और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में शारीरिक क्षमता, मानसिक सजगता और टीम भावना प्रभावी पुलिसिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।