फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर एसटीएफ का शिकंजा कसता गया, रुद्रपुर से दो आरोपी अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार

फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर एसटीएफ का शिकंजा कसता गया, रुद्रपुर से दो आरोपी अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार
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देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का अभियान लगातार तेज हो रहा है। इसी क्रम में एसटीएफ ने देर रात रुद्रपुर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन अवैध हथियार, आठ जिंदा कारतूस और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।

एसटीएफ के अनुसार यह कार्रवाई काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल और उसके चालक अमित पाल के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से एक 12 बोर पम्प एक्शन बंदूक, एक .30 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ कारतूस, दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस तथा एक कार की चाबी बरामद की गई।

इससे पहले 10 जून की रात एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस के संयुक्त अभियान में काशीपुर क्षेत्र से एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि यह वाहन सबूत छिपाने की नीयत से पार्किंग में खड़ा किया गया था और उसकी चाबी भी गिरफ्तार अभियुक्त अमित पाल के कब्जे से बरामद हुई।

एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की व्यापक जांच चल रही है। अब तक इस मामले में तीन अभियोग दर्ज कर सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है तथा 12 अवैध शस्त्र, 315 कारतूस और कई फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए हैं।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर अन्य संदिग्ध शस्त्र धारकों और फर्जी लाइसेंस नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

एसटीएफ ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस संबंधी कोई जानकारी मिले तो वह तत्काल एसटीएफ को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

देवभूमि खबर

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