को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले में मंत्री की बर्खास्तगी की मांग, जन संघर्ष मोर्चा ने तहसील घेरकर सौंपा ज्ञापन

को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले में मंत्री की बर्खास्तगी की मांग, जन संघर्ष मोर्चा ने तहसील घेरकर सौंपा ज्ञापन
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विकासनगर जन संघर्ष मोर्चा ने को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाले में कथित अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के लेनदेन के आरोपों को लेकर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की बर्खास्तगी की मांग तेज कर दी है। मोर्चा कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में तहसील का घेराव कर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।

मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में सहकारिता मंत्री की सरपरस्ती में को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाला हुआ, जिसमें तत्कालीन सचिव डॉ. वीबीआरसी पुरुषोत्तम ने भारी अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए भर्ती निरस्त करने की सिफारिश की थी। उनका दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ, जिसकी पुष्टि बैंक खातों के माध्यम से की जा सकती है।

नेगी ने कहा कि नौकरी पाने वाले कई अभ्यर्थियों के खातों से 10 से 15 लाख रुपये तक के लेनदेन होने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोर्चा लगातार इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, लेकिन मंत्री की कथित भूमिका के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी बैंक चतुर्थ श्रेणी (सहयोगी/गार्ड) भर्ती 2022 में बड़े पैमाने पर भाई-भतीजावाद और आर्थिक अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि बैंकों में कार्यरत अधिकारियों और पदाधिकारियों ने अपने निकट संबंधियों और रिश्तेदारों को नियुक्तियां दिलाने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए मोटी रकम का लेनदेन किया।

मोर्चा का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए गठित समितियों ने देहरादून, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ से संबंधित अपनी रिपोर्ट वर्ष 2022 में शासन को सौंप दी थी, लेकिन उसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नेगी ने बताया कि प्रदेश के सहकारी बैंकों में 423 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के दौरान देहरादून, अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंहनगर में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, जिसके बाद सरकार ने जांच समितियों का गठन किया था।

जन संघर्ष मोर्चा ने राज्यपाल से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान बैंक खातों से हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए सहकारिता मंत्री को पद से बर्खास्त किया जाए।

तहसील घेराव और प्रदर्शन में मोर्चा के महासचिव आकाश पंवार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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