बैरागीवाला हत्याकांड कानून-व्यवस्था की विफलता का गंभीर उदाहरण: गणेश गोदियाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला में हुई हत्या की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक विनोद कश्यप के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने इस घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला बताया है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि एक स्थानीय विवाद का हिंसक रूप लेकर हत्या और तनावपूर्ण स्थिति में बदल जाना प्रशासनिक तंत्र की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था तो स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप क्यों नहीं किया और ऐसी कौन-सी चूक हुई जिसके कारण मामला इतना गंभीर हो गया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधी की कोई जाति, धर्म या राजनीतिक पहचान नहीं होती और हत्या में शामिल सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें कठोरतम कानूनी सजा मिल सके।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यदि घटना के बाद भी आरोपी खुलेआम घूमते रहे, जैसा कि स्थानीय लोगों द्वारा कहा जा रहा है, तो यह पुलिस व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है। उन्होंने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि घटना के शुरुआती घंटों में क्या कार्रवाई की गई और हालात को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कानून के शासन और संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास रखती है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, ताकि अपराधियों को सजा मिले और किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि न्याय का स्थान किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक राजनीति नहीं ले सकती।
उन्होंने प्रदेशवासियों से शांति, संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा भाईचारे और आपसी विश्वास की रही है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा इस दुखद घटना को सांप्रदायिक या राजनीतिक रंग देने के प्रयासों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, भूमि विवादों से जुड़ी घटनाएं, संगठित आपराधिक गतिविधियां और बैरागीवाला जैसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा पा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को शीघ्र कानून के कठघरे में लाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

