समाधान दिवस बना उम्मीद की किरण: चार गंभीर रूप से बीमार बच्चों का होगा निःशुल्क इलाज, भू-माफियाओं और बुजुर्ग उत्पीड़न के मामलों पर सख्त रुख

देहरादून। जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल ‘समाधान दिवस’ कई जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आया। ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आर्थिक तंगी से जूझ रहे चार परिवारों ने अपने गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर प्रशासन ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत चारों बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।
सोमवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने जमीन विवाद, अवैध कब्जे, सीमांकन, खाता-खतौनी, अतिक्रमण, जाति प्रमाण पत्र और आर्थिक सहायता सहित कुल 146 शिकायतें दर्ज कराईं। अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया।
ग्राम पंचायत छरबा में सरकारी बंजर भूमि पर कथित रूप से भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर बिक्री किए जाने और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी और तहसील प्रशासन को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जनसुनवाई के दौरान जमनीपुर तापड़ निवासी 84 वर्षीय राजकुमार और खुड़बुड़ा निवासी 65 वर्षीय जसवंत सिंह ने अपने ही परिजनों द्वारा मारपीट कर घर से निकालने और संपत्ति पर कब्जा करने की शिकायत दर्ज कराई। इस संवेदनशील मामले में एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को तत्काल जांच कर बुजुर्गों को न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने विकासखंड कालसी के सहिया में भूमि हस्तांतरण के बावजूद केंद्रीय विद्यालय शुरू न होने का मुद्दा उठाया। प्रशासन ने बताया कि यह विषय वर्तमान में शासन स्तर पर विचाराधीन है।
सहस्रधारा मार्ग स्थित मयूर विहार पुलिस चौकी से कैनाल रोड पेट्रोल पंप तक सड़क की खराब स्थिति पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल पैच रिपेयर कराने के निर्देश दिए गए।
वाणी विहार निवासी दीपा मेहरा ने आर्थिक तंगी के कारण बेटी की स्कूल फीस में सहायता की मांग की, जबकि नई बस्ती पार्क रोड निवासी मानसिंह ने पानी का बिल माफ करने और बुजुर्ग सोमदत्त शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। इन सभी मामलों में संबंधित विभागों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कहा कि जनसमस्याओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई में एडीएम प्रशासन स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम रविंद्र ज्वांठा, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र देव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

