उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर AAP का प्रदर्शन, डीजी हेल्थ को सौंपा ज्ञापन 7 दिन में सुधारात्मक कार्ययोजना की मांग

उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर AAP का प्रदर्शन, डीजी हेल्थ को सौंपा ज्ञापन 7 दिन में सुधारात्मक कार्ययोजना की मांग
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देहरादून। उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में डीजी हेल्थ कार्यालय पहुंचकर महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा को ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, दवाओं के अभाव, चिकित्सा उपकरणों के खराब होने और मरीजों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि पहाड़ से लेकर मैदान तक कई सरकारी अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, जहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

AAP नेताओं ने दावा किया कि कई बेस अस्पतालों में आईसीयू बेड की कमी है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के पद रिक्त हैं और मरीजों को दवाओं के बजाय केवल पर्चियां दी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे जोखिम बढ़ रहा है।
पार्टी प्रतिनिधियों ने देहरादून, हरिद्वार, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ सहित विभिन्न अस्पतालों की स्थिति से संबंधित फोटो और वीडियो भी डीजी हेल्थ को दिखाए। उनका कहना था कि रिक्त पदों के कारण नर्सिंग स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद तीन महीने के भीतर भरे जाएं, दवाओं एवं सर्जिकल उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा बंद पड़ी मशीनों को 15 दिनों के भीतर चालू किया जाए। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं और एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

AAP ने स्वास्थ्य बजट और दवा खरीद प्रक्रिया की सीएजी ऑडिट कराने की मांग भी उठाई। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई तो प्रदेशभर में “स्वास्थ्य सत्याग्रह” अभियान शुरू किया जाएगा और अस्पतालों के बाहर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।

डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा संबंधित रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना, डी.एस. कौटिल्य, श्याम बाबू पांडेय, सुधा पटवाल, डी.के. पाल, रविंद्र चौधरी, दीप्ति रावत, शैलेश तिवारी, जितेन पंथ, सुरेश कुमार, वसीम अंसारी, कमल राणा, सी.पी. सिंह, सोनू राठी, राजीव तोमर सहित पार्टी के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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