बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली गति 45 नाली भूमि पर विकसित होगा अत्याधुनिक गेस्ट हाउस,

देहरादून। राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में गुरुवार को सचिवालय में आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बागेश्वर के ग्राम ठेलापालन में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आने वाली इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह बागेश्वर तहसील के ग्राम ठेलापालन में लगभग 0.900 हेक्टेयर (45 नाली) भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्वतीय जनपद में सरकारी कार्यक्रमों, वीआईपी आवागमन और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए बेहतर आवासीय एवं बैठक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक में भवन की संरचना, आधुनिक सुविधाओं और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। सचिव ने कहा कि अतिथि गृह को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।
डॉ. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर को निर्देशित किया कि डीपीआर में पर्याप्त संख्या में अतिथि कक्ष, सम्मेलन एवं बैठक कक्ष, प्रशासनिक कार्यालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।
पार्किंग और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक के दौरान प्रस्तावित परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि भविष्य में बढ़ने वाली गतिविधियों को देखते हुए पार्किंग क्षमता का समुचित आकलन किया जाए। साथ ही फर्नीचर, विद्युत उपकरणों और अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी डीपीआर का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर के साथ स्थल चयन समिति की रिपोर्ट, ले-आउट स्वीकृति तथा अन्य आवश्यक अनुमतियां भी संलग्न की जाएं, ताकि परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधिशासी अभियंता इंजीनियर एस.के. पांडे और सहायक अभियंता इंजीनियर तनीशा पांगती ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया।
सरकार का मानना है कि बागेश्वर में बनने वाला यह आधुनिक राज्य अतिथि गृह जिले में प्रशासनिक गतिविधियों को नई सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराएगा तथा क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगा।

