फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिरूपण करने वाला युवक गिरफ्तार, एआई से बनाया था वरिष्ठ अधिकारी का भ्रामक वीडियो

देहरादून।साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने सोशल मीडिया पर उत्तराखण्ड पुलिस का प्रतिरूपण कर फर्जी सामग्री प्रसारित करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी इंस्टाग्राम आईडी “Uttarakhand_police__112” संचालित कर रहा था तथा एआई/डीप फेक तकनीक का उपयोग कर उत्तराखण्ड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का भ्रामक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत इस मामले में कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध लोक सेवक का प्रतिरूपण करने, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने तथा भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने मेटा और अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों से तकनीकी जानकारी प्राप्त कर जांच की। प्राप्त डेटा के विश्लेषण के आधार पर 24 जून 2026 को क्लेमेन्टाउन क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने “Uttarakhand_police__112” नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी और एआई/डीप फेक तकनीक की सहायता से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की फोटो को परिवर्तित कर वीडियो तैयार किया था। उसने यह भी बताया कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर फोटो और वीडियो बनाता था तथा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्हें प्रसारित करता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया, जिसमें उक्त फर्जी इंस्टाग्राम आईडी लॉग-इन मिली। मोबाइल की जांच में एआई जनरेटेड वीडियो, पुलिस वर्दी में खींची गई तस्वीरें तथा फर्जी पुलिस पहचान पत्र की फोटो भी प्राप्त हुई। इसके अलावा आरोपी के घर से उत्तराखण्ड पुलिस की वर्दी से मिलते-जुलते वस्त्र एवं अन्य सामग्री भी बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान लुकमान मलिक (20 वर्ष) पुत्र इकबाल मलिक निवासी मोरोवाला, क्लेमेन्टाउन, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर बरामद सामग्री को सीज कर लिया है तथा मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक सुमेर सिंह तथा कांस्टेबल अजय भण्डारी शामिल रहे।

