नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक छापेमारी

नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक छापेमारी
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देहरादून।  प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने देहरादून और टिहरी जनपद में होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान दुग्ध पदार्थों के स्रोत, पनीर की गुणवत्ता, कच्चे माल की खरीद और बिल, लेबलिंग-पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा किचन की साफ-सफाई की जांच की गई। ऋषिकेश में 3 और टिहरी में 10 खाद्य पदार्थों के नमूने, कुल 13 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। कमियां पाए जाने पर दो प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना भी जारी की गई।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने ऋषिकेश के वीरभद्र रोड क्षेत्र के विभिन्न होटलों में किचन और स्टोर का निरीक्षण किया। टीम ने मोदी रिट्रीट, गंगा किनारे, होली वाटर और सेवन सीज में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं निर्माण प्रक्रिया की जांच की।

अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को किचन में साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सामग्री के भंडारण में FIFO एवं FEFO व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए। किचन कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण तथा भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच रिपोर्ट भी देखी गई। इस दौरान दूध, अरहर दाल और साबुत जीरा के नमूने लिए गए।

अभियान के दौरान तैयार खाद्य पदार्थों के साथ उनके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कच्चे माल के स्रोत की भी पड़ताल की गई। अधिकारियों ने दुग्ध पदार्थों की खरीद, वास्तविक स्रोत, खरीद बिल और खाद्य उत्पादों की लेबलिंग-पैकेजिंग से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।

टिहरी जिले के मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। टीम ने लेमन ट्री, डिवाइन रिजॉर्ट और स्टर्लिंग पाम ब्लिस के किचन एवं स्टोर की जांच की। इस दौरान किचन की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के रखरखाव और FIFO व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।

टिहरी में विभागीय टीम ने बेकरी उत्पाद, दाल, पकी सब्जी, ग्रेवी, चावल, स्प्रिंग रोल, भुना चना, जीरा और चिप्स सहित 10 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का यह अभियान विशेष रूप से एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले दुग्ध पदार्थों के स्रोत, खरीद बिल, लेबलिंग, पैकेजिंग और किचन की स्वच्छता की जांच की जा रही है। नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अभियान का नेतृत्व उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र सिंह रावत ने किया। देहरादून की टीम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी तथा टिहरी की टीम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रमोद रावत, वरिष्ठ खाद्य अधिकारी शारदा शर्मा सहित विभागीय अधिकारी शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता एवं स्वच्छता मानकों की जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

देवभूमि खबर

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