SIR अभियान की समीक्षा: मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष कैंप और पुख्ता व्यवस्थाओं के निर्देश

देहरादून।मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के मंडलायुक्तों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के अगले चरणों—ड्राफ्ट प्रकाशन, नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण—के दौरान मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बाधित होने की संभावना को देखते हुए नोटिसों के जवाब और दावे-आपत्तियों की सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएं। जहां निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) सुनवाई करेंगे, वहां बिजली, पेयजल, इंटरनेट, स्कैनर और फोटोकॉपी मशीन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि पहाड़ी जनपदों में न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर आधारित शिविरों का रोस्टर तैयार किया जाए, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर मतदाताओं की सुविधा के लिए कैंप आयोजित किए जाएं। साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन के लिए शिक्षा, राजस्व, तहसील और अन्य संबंधित विभागों से नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए।
डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में 70 ERO और 800 AERO तैनात किए गए हैं। उन्होंने कुमाऊं और गढ़वाल मंडलायुक्तों को 14 जुलाई से जनपदों का स्थलीय निरीक्षण कर अभियान की प्रगति का जायजा लेने के निर्देश दिए। बैठक में कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

