देहरादून मास्टर प्लान पर सिटिजन्स फोरम के 20 सुझाव, नागरिक सलाहकार परिषद गठन की मांग

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आयोजित देहरादून मास्टर प्लान जनसुनवाई में देहरादून सिटिजन्स फोरम ने शहर के भविष्य से जुड़े दो महत्वपूर्ण ज्ञापन एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को सौंपे।
पहले ज्ञापन में फोरम ने ‘देहरादून सिटिजन्स एडवाइजरी काउंसिल’ के गठन का प्रस्ताव रखा। फोरम का कहना था कि नागरिकों की भागीदारी केवल जनसुनवाई तक सीमित न रहकर संस्थागत रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके लिए एमडीडीए के अंतर्गत 11 सदस्यीय स्थायी नागरिक सलाहकार परिषद गठित की जाए, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और सामाजिक प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। यह परिषद शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, यातायात, कचरा प्रबंधन और नगर नियोजन जैसे विषयों पर समय-समय पर सुझाव दे सके।
दूसरे ज्ञापन में फोरम ने देहरादून मास्टर प्लान के लिए 20 प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें हरित क्षेत्रों का संरक्षण, कंक्रीट के बढ़ते दायरे पर नियंत्रण, पैदल यात्रियों एवं साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित आधारभूत ढांचे का निर्माण, प्राकृतिक नालों और जलधाराओं का संरक्षण तथा भूगर्भीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों और फॉल्ट लाइनों के आसपास बहुमंजिला भवनों और बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रही।
फोरम ने वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, आधुनिक रीसाइक्लिंग सुविधाओं, समेकित सीवरेज एवं वर्षाजल निकासी प्रणाली, शहरी बाढ़ प्रबंधन और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी नीति तैयार करने की भी आवश्यकता बताई। साथ ही सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने, अंतिम छोर तक परिवहन सुविधा पहुंचाने तथा पैदल और साइकिल आधारित परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
फोरम ने मालसी, गलजवाड़ी, दुधली सहित शहर के महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों और वन्यजीव गलियारों के संरक्षण के साथ स्थानीय हिमालयी प्रजातियों के वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने का सुझाव भी दिया।
फोरम ने एमडीडीए की जनसुनवाई पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उसके सुझावों और नागरिक सलाहकार परिषद के प्रस्ताव को अंतिम मास्टर प्लान में उचित स्थान दिया जाएगा, जिससे देहरादून का विकास पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक शहरी नियोजन और नागरिक सहभागिता के साथ आगे बढ़ सके।
फोरम की ओर से जगमोहन मेंदिरत्ता, रीतू चटर्जी और अनूप नौटियाल उपस्थित रहे।

