डायट में नवाचार और मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग पर रहेगा विशेष फोकस, तीन माह में पूरे होंगे मॉडल डायट निर्माण कार्य : डॉ. धन सिंह रावत

डायट में नवाचार और मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग पर रहेगा विशेष फोकस, तीन माह में पूरे होंगे मॉडल डायट निर्माण कार्य : डॉ. धन सिंह रावत
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देहरादून। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में अब शिक्षकों के प्रशिक्षण में नवाचार और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक डायट में नवाचार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं तथा शिक्षकों के लिए मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से संचालित की जाए। साथ ही मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को अगले तीन माह के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

शनिवार को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में आयोजित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि पारंपरिक प्रशिक्षण पद्धतियों के स्थान पर आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाया जाए, ताकि शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

उन्होंने सभी डायट प्राचार्यों को नवाचार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यशालाओं में नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सोशल इमोशनल लर्निंग, नैतिक शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण से शिक्षक बच्चों में तनाव और मानसिक समस्याओं के शुरुआती संकेतों की पहचान कर समय पर सहयोग प्रदान कर सकेंगे।

शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पद्मश्री सम्मानित व्यक्तियों, साहित्यकारों, लेखकों, अभिभावकों और ग्राम प्रधानों को भी आमंत्रित किया जाए, ताकि शिक्षकों को विविध अनुभवों और प्रेरणादायक विचारों का लाभ मिल सके।

बैठक में डॉ. रावत ने डायट संस्थानों को विभिन्न प्रशिक्षण क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विभिन्न डायट्स को सामाजिक अध्ययन, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और शैक्षिक तकनीकी सहित विभिन्न विषयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 में स्वीकृत मॉडल डायट के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर अगले तीन माह में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय बजट का समयबद्ध और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, एससीईआरटी की निदेशक वंदना गब्र्याल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार सिमल्टी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक के.एस. रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक जे.पी. काला सहित सभी डायट के प्राचार्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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