राहुल गांधी के युवा संवाद को ‘स्क्रिप्टेड’ बताना अमानवीय, शोकाकुल पिता के आंसुओं का भी किया अपमान : गरिमा मेहरा दसौनी

राहुल गांधी के युवा संवाद को ‘स्क्रिप्टेड’ बताना अमानवीय, शोकाकुल पिता के आंसुओं का भी किया अपमान : गरिमा मेहरा दसौनी
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देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज” युवा संवाद कार्यक्रम को “स्क्रिप्टेड” और “फिक्स्ड” बताए जाने वाले बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बयान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि अमानवीय, असंवेदनशील और शर्मनाक है।

गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में स्वर्गीय रिया कुमारी थापा के पिता राजेश मल ने अपनी बेटी के निधन का दर्द साझा करते हुए कथित नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित छात्रों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि एक शोकाकुल पिता के आंसुओं को भी “स्क्रिप्टेड” बताना भाजपा की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को बाधित करने के लिए हर संभव प्रयास किया। कांग्रेस को पहले परेड ग्राउंड की अनुमति दी गई, लेकिन बाद में उसे निरस्त कर कार्यक्रम को बन्नू स्कूल मैदान में स्थानांतरित करने के लिए विवश किया गया। उन्होंने दावा किया कि कानून-व्यवस्था का हवाला देने के बावजूद उसी दिन परेड ग्राउंड में पंजाबी गायिका जैस्मीन सैंडलस का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

दसौनी ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा ने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने का प्रयास किया, जबकि महिला आरक्षण विधेयक को कांग्रेस ने संसद में समर्थन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं और महिलाओं को गुमराह करने की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पिछले पांच वर्षों में युवाओं से संवाद करने की जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक हुए और युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन सरकार ने संवाद नहीं किया। राहुल गांधी के युवा संवाद कार्यक्रम की सफलता के बाद भाजपा भी युवाओं से संवाद की बात करने लगी है।

गरिमा मेहरा दसौनी ने दावा किया कि तमाम प्रशासनिक और राजनीतिक बाधाओं के बावजूद राहुल गांधी का “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से सफल रहा और हजारों युवाओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि प्रदेश का युवा शिक्षा, रोजगार और न्याय के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि राहुल गांधी का संवाद युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचा है। कांग्रेस का आरोप है कि युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा कार्यक्रम को “स्क्रिप्टेड” बताकर उनकी आवाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

देवभूमि खबर

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