तमक नाले में राहत-बचाव अभियान का डीएम-एसपी चमोली ने लिया जायजा

चमोली। ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में 10 अगस्त को अचानक बढ़े जलप्रवाह से 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया था। तेज जलधारा की चपेट में आने से बीआरओ के एक कार्मिक और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना मिली थी। घटना के बाद से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस-प्रशासन, आईटीबीपी और सेना की टीमें लापता व्यक्ति की तलाश में लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घटना की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए दिए गए निर्देशों के बाद संबंधित विभागों ने युद्धस्तर पर कार्य किया और ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग को 24 घंटे के भीतर आवागमन के लिए सुचारू कर दिया।
इसी क्रम में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने तमक नाले का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्र, क्षतिग्रस्त बेली ब्रिज और मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए लापता व्यक्ति की तलाश पूरी सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ जारी रखने के निर्देश दिए।
स्थलीय निरीक्षण से पहले डीएम और एसपी ने तमक नाले के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान फ्लैश फ्लड से प्रभावित क्षेत्र, जलप्रवाह की स्थिति और आसपास के संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने वर्ष 2021 में रैणी क्षेत्र में ऋषिगंगा के ऊपरी हिस्से में ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ के उद्गम क्षेत्र का भी हवाई निरीक्षण किया। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का जायजा लेते हुए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का आकलन किया गया।
डीएम गौरव कुमार ने कहा कि तमक नाले में आई फ्लैश फ्लड के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ संस्थान से विस्तृत तकनीकी आकलन कराया जाएगा, ताकि घटना के कारणों का पता लगाने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी निवारक उपाय किए जा सकें।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार प्रभावित लोगों को अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम और एसपी ने रेस्क्यू अभियान में जुटे जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें रिफ्रेशमेंट वितरित किया। उन्होंने सभी एजेंसियों के समर्पण और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि लापता व्यक्ति की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
इस दौरान उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, कर्नल शांतनु, लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक, मेजर विकास, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी सहित बीआरओ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

