विदेशी चंदे के दुरुपयोग के मामले में ईडी की जयपुर में छापेमारी, 2.88 करोड़ रुपये की फंडिंग जांच के घेरे में

जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जयपुर जोनल कार्यालय ने 21 अगस्त 2026 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के प्रावधानों के तहत जयपुर में दो परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई बिना एफसीआरए पंजीकरण प्राप्त किए विदेशी चंदे की कथित प्राप्ति और घोषित उद्देश्य से अलग उसके उपयोग से जुड़े मामले में की गई।
ईडी ने खुफिया जानकारी के आधार पर फेमा के तहत जांच शुरू की थी। जांच में आरोप है कि होप मिनिस्ट्री से जुड़े प्रोटेस्टेंट मिशनरी पास्टर रवि मोहन पहाड़िया द्वारा अमेरिका स्थित एक दाता थॉमस यूजीन लिंच से करीब 2.20 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त की गई। एजेंसी के अनुसार, इस धनराशि के इस्तेमाल को लेकर जयपुर के एससी-वाल्मीकि समुदाय तथा दक्षिण राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में धर्मांतरण एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़े होने का संदेह सामने आया है।
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि रवि मोहन पहाड़िया और उनकी पत्नी गुंजन शर्मा ने करीब 2.34 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त की। आरोप है कि इस धनराशि को मुख्य रूप से बिजनेस एवं मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, पब्लिक रिलेशन सेवाओं तथा भारत में रहने वाले गैर-निवासी भारतीयों से पारिवारिक भरण-पोषण और बचत के उद्देश्य से प्राप्त धन के रूप में दर्शाया गया। ईडी के अनुसार, इस धनराशि का बड़ा हिस्सा अमेरिका स्थित दाता थॉमस ई. लिंच से प्राप्त हुआ।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने मामले से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। एजेंसी की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि रवि मोहन पहाड़िया ने बिना एफसीआरए अनुमति के करीब 2.88 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि दान के रूप में प्राप्त की। ईडी के अनुसार, इस धनराशि के उद्देश्य को कथित रूप से गलत तरीके से घोषित किया गया और बाद में इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत खर्चों, विदेश यात्राओं तथा अपने नाम पर संपत्ति खरीदने में किया गया।
ईडी को प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी मिली है कि रवि मोहन पहाड़िया विदेशी नागरिकों के लगातार संपर्क में था और कथित तौर पर उनके निर्देशों पर विभिन्न राज्यों के वंचित एवं आदिवासी समुदायों के बीच धार्मिक सभाओं तथा बैठकों के आयोजन से जुड़ा हुआ था।
ईडी ने जब्त दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।
