बैंक से 2.68 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में सात दोषी करार, चेन्नई CBI कोर्ट ने सुनाई सजा

चेन्नई। बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में चेन्नई स्थित सीबीआई कोर्ट ने M/s Jailani Steel Traders सहित सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला 31 अगस्त 2026 को सुनाया।
सीबीआई के अनुसार, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर 21 अप्रैल 2008 को मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि M/s Jailani Steel Traders और अन्य आरोपियों ने बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ कथित साजिश कर फर्जी एवं जाली दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं। इसके बाद बैंक की धनराशि का दुरुपयोग कर बैंक को करीब 2.68 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 23 जून 2009 को Jailani Steel Traders सहित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने दोषी फर्म M/s Jailani Steel Traders पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आरोपी एस. अमुरुद्दीन को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि एल. विजयलक्ष्मी, एम. शांति, एस. कामाक्षी, एम. शिवकुमार और एम. रविचंद्रन बाबू को छह-छह माह के कठोर कारावास की सजा दी गई। छह आरोपियों पर कुल 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान चार निजी आरोपियों जैलानी बीवी, ए. श्रीनिवासन, एन. मनोहरन और एस.जी. सेकर की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनके खिलाफ आरोप समाप्त कर दिए गए।
वहीं, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक एस.आर. ज्ञानसेकर और निजी व्यक्ति एम. चक्रवर्ती को अदालत ने बरी कर दिया। बैंक के पैनल अधिवक्ता एवं लोक सेवक पी.बी. संपत कुमार को मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया।
