अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को आजीवन कारावास, सीबीआई जांच जारी : एडीजी वी. मुरुगेशन

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच, न्यायिक कार्यवाही और प्रकरण में चल रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि सीबीआई की जांच अभी जारी है।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के समीप वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती अंकिता भंडारी की हत्या की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने विभिन्न टीमों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने विवेचना के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। इसके अलावा अभियुक्तों से पूछताछ, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
एडीजी के अनुसार, मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी अभियोजन के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए। एसआईटी द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।
सीबीआई जांच जारी
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि प्रकरण में सीबीआई जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से जांच की संस्तुति की थी। केंद्र सरकार द्वारा संस्तुति स्वीकार किए जाने के बाद मामले में सीबीआई जांच की कार्यवाही चल रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी, साक्ष्य संकलन और विवेचना सहित सभी आवश्यक कार्रवाई की। न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकरण से संबंधित सीबीआई जांच वर्तमान में जारी है।


