हरिद्वार के होटल शांति हेरिटेज में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 120 किलो आटा सीज

हरिद्वार। नवरात्र पर्व और चारधाम यात्रा के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्टोरेंटों के खिलाफ आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान सप्तऋषि चुंगी के पास स्थित होटल शांति हेरिटेज के किचन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। खाद्य सुरक्षा टीम ने करीब 120 किलोग्राम आटा सीज कर दिया, जबकि एक्सपायरी तिथि के बाद के लगभग 20 पैकेट दूध और ब्रेड मौके पर ही नष्ट कराए गए।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों पर सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, हरिद्वार महिमानंद जोशी के नेतृत्व में शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने होटल शांति हेरिटेज का आकस्मिक निरीक्षण किया। होटल का संचालन परफेक्ट स्टेज होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान होटल के रसोईघर में भोजन तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दूध और ब्रेड की एक्सपायरी तिथि निकल चुकी थी। टीम ने मौके पर लगभग 20 पैकेट दूध और ब्रेड नष्ट कराए। इसके अतिरिक्त रसोईघर में 10 किलोग्राम के आटे के 12 सीलबंद कट्टे मिले, जिनमें कुल करीब 120 किलोग्राम आटा था। इन कट्टों पर पैकिंग तिथि, एक्सपायरी तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य, बैच नंबर और अन्य आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक लेबल संबंधी जानकारी नहीं होने के कारण विभाग ने आटे का विधिक नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए लिया। इसके बाद शेष आटे के कट्टों को मौके पर सीज कर होटल प्रबंधन की अभिरक्षा में रखवा दिया गया।
खाद्य सामग्री की एक्सपायरी तिथि के बाद उसका इस्तेमाल करने और आवश्यक लेबल संबंधी जानकारियों के अभाव वाले आटे का भोजन तैयार करने में उपयोग किए जाने के मामले में होटल के शेफ तथा नामित व्यक्ति/निदेशक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। विभाग के अनुसार संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत अधिकतम तीन लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
निरीक्षण के दौरान होटल प्रबंधन पेयजल जांच रिपोर्ट, खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, कीट नियंत्रण संबंधी अभिलेख, कर्मचारियों के चिकित्सा परीक्षण प्रमाणपत्र और खाद्य सामग्री की खरीद के बिल सहित कई आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अलावा कंपनी का समझौता ज्ञापन, निदेशक मंडल का प्रस्ताव, फॉर्म-9 और होटल की लीज डीड भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराई गई। विभाग ने होटल प्रबंधन को सभी आवश्यक दस्तावेज एक सप्ताह के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


