हाईकोर्ट के आदेश से हुई पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा :बिष्ट
देहरादून।देवभूमि खबर। उपनल के माध्यम से ओएनजीसी में कार्यरत पूर्व सैनिक जो सुरक्षा सुपरवाइजर और सुरखा गार्ड में कार्यरत थे और जो रैगुलेशन एक्ट 2005 पीएसएआरए के अंतर्गत 65 वर्ष तक सेवा करने के अधिकारी हैं परन्तु ओएनजीसी प्रबन्धन व उपनल द्वारा आदेश 28 जून 2019 के द्वारा उनकी सेवायें 65 वर्ष से पूर्व ही समाप्त कर दी है। जिसके विरूद्व पूर्व सैनिकों द्वारा न्यायालय में याचिका योजित की गई थी जिसके अंतर्गत याचिका को सेवा कार्य करने की अनुमति दी है। पूर्व सैनिक इसका हरदय से स्वागत करते हंै। इसी के तहत मंगलवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व सैनिक वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पीटीआर शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि देश के अन्दर किसी भी प्रकार के असमान्य स्थिति जैसे बाढ़, भूकम्प, आंकवादी हमले आदि में सेना विषम स्थितियों में हर सम्भव प्रयास करके सबकी रक्षा करती है। उन्हांेने कहा कि ओएनजीसी के अंदर जिन पूर्व सैनिकों को कानून के विरूद्व सेवा से हटाया गया है वो पूर्व सैनिक भी इसका एक हिस्सा रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश द्वारा पूर्व सैनिकों के हितो की रक्षा की गई। पूर्व सैनिक इस निर्णय का स्वागत करते हैं। पत्रकार वार्ता में शमशेर सिंह बिष्ट, आरडी शाही, यूडी जोशी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, रमेश रावत, प्रेम सिंह रावत, विनोद बलूनी आदि उपस्थित रहे।

