हिमालय के संरक्षण को जनअभियान बनाने की यह पहल ही हिमालयवासियों की समस्याओं का सही हल निकाल सकती है:भट्ट

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रुद्रप्रयाग जनपद के क्वीली-कुरझण गाँव की बौसड़ी नदी को सदानीरा बनाने का संकल्प लिया गया। इससे इस नदी के समीपवर्ती गाँवों में पेयजल एवं सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो पायेगा। इस अभियान के अंतर्गत नदी के स्रोत से ही छोटे-छोटे गड्ढे बनाकर उनमें वर्षा जल एकत्र करने के साथ-साथ घासों और वृक्षों का रोपण कर हरियाली बढाई जाएगी। इससे एक ओर वर्षा का पानी सीधे बहने की बजाय गड्ढों में जमा होगा और भूजल भंडारों का पुनर्भरण करेगा, वहीं नमी के संरक्षण से क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी तथा भूक्षरण व भूस्खलन पर रोक लगेगी।
अभियान का शुभारम्भ प्रख्यात पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट एवं जगत सिंह जंगली की उपस्थिति में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नदी के शीर्षस्थ क्षेत्रों में गड्ढे खोद कर और पौधे रोपे कर किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों, सेना, आईटीबीपी, पुलिस के जवानों, अफसरों तथा इस क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों तथा जिले के अधिकारियों ने भागीदारी की।
श्रमदान के उपरांत माध्यमिक विद्यालय क्वीली-कुरझण के प्रांगण में आयोजित जनसभा में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मभूषण चंडीप्रसाद भट्ट ने कहा कि हिमालय के संरक्षण को जनअभियान बनाने की यह पहल ही हिमालयवासियों की समस्याओं का सही हल निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि विकास की अंधी दौड़ में हमने हिमालय को जराजीर्ण करके रख दिया है। इस दिशा में यदि प्रभावी संरक्षणात्मक कार्य नहीं किये गए तो हिमालयवासियों को और अधिक संकट से जूझना पड़ेगा।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान से जनता के हितों को जोड़ते हुए लोक पुरुषार्थ को जागृत करते हुए, जनसहभागिता जितनी अधिक ली जाएगी, यह अभियान उतना ही अधिक सफल होगा। वृक्ष-मित्र जगतसिंह जंगली ने कहा कि उत्तराखंड को इस बात का गौरव है कि वह जंगलों की रक्षा में सर्वाधिक योगदान कर रहा है और इसके ऐवज में सरकार को स्थानीय विकास के लिये अधिक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। मैती आंदोलन के प्रणेता कल्याण सिंह रावत ने आम जन् का आह्वान किया कि वे शादी और अन्य संस्कारों के अवसर पर वृक्षारोपण से धरती की हरियाली बढ़ाने में योगदान करें।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान में से सबकी सक्रिय सहभागिता से ही सफलता प्राप्त होगी। जनसभा को कल्पतरु अभियान के मितेश्वर आनंद, हिमालय बचाओ के समीर रतूड़ी, हिमालय शोध संस्थान के अरविंद दरमोडा, पत्रकार रमेश पहाड़ी तथा कार्यक्रम के संयोजक सतेंद्र भंडारी सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया तथा इस अभियान की सफलता के लिए अनेक सुझाव दिये। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान को व्यापक रूप देने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे।

देवभूमि खबर

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