कांग्रेस के शासन में देश की हालत ऐसी थी कि आम आदमी सोच नहीं पा रहा था:अमित शाह
नई दिल्ली।एजेंसी।राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा, “2014 से पहले भ्रष्टाचार और असुरक्षित सीमाओं की वजह से लोगों को लगने लगा था कि भारत की बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था विफल हो गई है। वे निराश थे और उन्हें यह चिंता होती थी कि क्या देश अपने लक्ष्यों को पा सकेगा।
उन्होंने कहा कांग्रेस के शासन में देश की हालत ऐसी थी कि आम आदमी सोच नहीं पा रहा था कि देश किस दिशा में जा रहा है और क्या नेतृत्व वाक़ई देश को इस उथल-पुथल से निकाल पाएगा।उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने राष्ट्र की प्रगति के लिए कई लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अध्ययन के बाद लोकतंत्र के बहुदलीय प्रणाली को अपनाया था ताकि सभी लोगों को समान अधिकार और समृद्धि मिल सके ।
कांग्रेस पर हमलावर तेवर में अमित शाह ने कहा कि उनके शासनकाल में हर दिन भ्रष्टाचार की ख़बरें आती थीं, बॉर्डर असुरक्षित थे, सैनिक मारे जा रहे थे, महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं और सड़कों पर लोग प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा, “सरकार राजनीतिक रूप से पंगु थी। कोई भी निर्णय नहीं लिया जा रहा था।उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में सभी मंत्री ख़ुद को प्रधानमंत्री समझ रहे थे।वहीं प्रधानमंत्री को कोई प्रधानमंत्री नहीं समझता था।इस दौरान गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में मिले ऐतिहासिक जनादेश के साथ 30 साल से चल रहा गठबंधन सरकारों का युग समाप्त हो गया।

