HTML tutorial
HTML tutorial

प्रवासियों के उत्तराखंड लौटने पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल

Spread the love

देहरादून।देवभूमि खबर। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में प्रवासी पहाड़ सबसे सुरक्षित मान रहे हैं। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही अब तक 18 हजार से अधिक प्रवासी पहाड़ पहुंच चुके हैं। टिहरी जिले के विदेशों में कार्यरत 256 लोग अपने घर लौट आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहाड़ का रुख करने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना है। कई हिस्सों में ग्रामीणों ने खुलकर उनकी वापसी का विरोध किया, जबकि कई स्थानों पर ग्रामीणों ने ऐसे लोगों से दूरी बनाते हुए प्रशासन से उनके मेडिकल परीक्षण की मांग उठाई है। टिहरी जिले में 14 मार्च से अब तक चीन, जापान सहित अन्य देशों में कार्यरत जिले के 256 लोग अपने घर पहुंच चुके हैं, जबकि देश के विभिन्न राज्यों में कार्य करने वाले जिले के 6268 लोग भी अपने गांव पहुंचे हैं। प्रशासन के मुताबिक एयरपोर्ट के अलावा जिले की चेक पोस्टों पर भी ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। ग्राम प्रधानों से भी बाहर से आने वाले लोगों की सूची मांगी गई है। टिहरी के डीएम डॉ वी षणमुगम का कहना है कि विदेशों से लौटे जिले के किसी भी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं। बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए जिले में अलग-अलग स्थानों पर आठ चेक पोस्ट बनाए गई हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। पौड़ी जिले में 6897 प्रवासी अपने गांव पहुंचे हैं। इनमें तीन लोग दूसरे देशों से लौट आए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में लगभग 1800 प्रवासी गांव आए हैं। इन लोगों के लिए गांवों में क्वारंटीन केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि सभी प्रधानों को अपने-अपनी ग्राम पंचायतों में लौट रहे प्रवासियों की सूचना हर दिन प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तरकाशी जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के भय से दुनिया के विभिन्न देशों से 39 प्रवासी अपने घर लौट चुके हैं। इनके अलावा देश के विभिन्न प्रांतों से भी करीब ढाई हजार लोग उत्तरकाशी स्थित अपने गांवों में लौटे हैं। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन सभी लोगों को चिह्नित किया है, साथ ही इनकी मॉनीटरिंग की जा रही है। जिले में प्रवेश से पूर्व इन सभी लोगों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, जिसमें किसी भी प्रवासी में कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया। एहतियातन इन सभी लोगों को अपने घरों में ही होम स्वारंटीन में रहने की हिदायत दी गई है। चमोली जिले में लगभग 1200 ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। 57 लोग दूसरे देशों से लौटे हैं, इनमें 19 ग्रामीणों को होम क्वारंटीन में रखा गया है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में प्राइवेट नौकरी कर रहे देवाल, थराली, नारायणबगड़, कर्णप्रयाग और दशोली ब्लाक के कई युवा अपने घरों को लौटे हैं, प्रशासन की ओर से उन्हें भी होम क्वारंटीन के लिए कहा गया है। प्रशासन ने ऐसे लोगों की सूची भी तैयार की है।

देवभूमि खबर

Related articles