अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं को लेकर संयुक्त मोर्चे का गठन, मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी

देहरादून। अशासकीय विद्यालयों की लंबित समस्याओं और सरकार व शिक्षा विभाग के कथित उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और अभिभावक एकजुट हो गए हैं। सनातन धर्म इंटर कॉलेज बन्नू, रेसकोर्स में आयोजित संयुक्त बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से संयुक्त मोर्चे का गठन किया। मोर्चे ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और सचिवालय व मुख्यमंत्री आवास कूच जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक शाम चार बजे शुरू हुई। इसकी अध्यक्षता अधिवक्ता संजीव विरमानी ने की। बैठक में अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधन, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और अभिभावकों से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा की गई। उपस्थित प्रतिनिधियों ने सरकार और शिक्षा विभाग के रवैये पर नाराजगी जताते हुए मांगों के समर्थन में एकजुट होकर संघर्ष करने का निर्णय लिया।
नवगठित संयुक्त मोर्चे ने स्पष्ट किया कि अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सरकार और विभाग को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। बैठक में विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों को मोर्चे का संयोजक तथा महामंत्रियों को सह-संयोजक नामित करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में प्रबंधक एसोसिएशन के संरक्षक चंद्रमोहन सिंह पयाल, संजीव विरमानी, सुनील अग्रवाल, अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल नौटियाल, प्रांतीय महामंत्री महादेव मैठाणी, देहरादून जिलाध्यक्ष दिनेश डोबरियाल, जिला मंत्री महावीर सिंह मेहता, गिरीश सेमवाल, अशासकीय शिक्षणेत्तर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष बीडी सेमवाल, डॉ. संजय कुमार, हर्षपाल सिंह चंद, किशन सिंह रावत, यतीन्द्र नवानी, शोभित मांगलिक, सुबा सिंह, डॉ. शैलेन्द्र डंगवाल, मनीषा भंडारी, लोकेश बहुगुणा और राजेंद्र ग्वाड़ी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का संचालन बन्नू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश चंद्र शर्मा ने किया।


