पराक्रम दिवस पर निबन्ध और भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को सीएम ने किया पुरस्कृत
देहरादून।उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता एवं प्रांतीय रक्षक दल, युवा कल्याण व माध्यमिक शिक्षा द्वारा आयोजित वर्चुअल भाषण प्रतियोगता के श्रेष्ठ तीन प्रतिभागियों को आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी साधु सिंह बिष्ट को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में बतौर विशेष वक्त रामकृष्ण मिशन, कोझिकोड के प्रमुख स्वामी नरसिम्हा नंद ने शिरकत की।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की पहल पर प्रदेशभर में युवा पखवाड़ा मनाया गया। जो कि स्वामी विवेकानंद की जयंती (12 जनवरी) से लेकर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती (23 जनवरी) तक संचालित हुआ। डाॅ. रावत ने बताया कि इस युवा पखवाड़े के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन तथा रक्तदान शिविर लगाये गये। जबकि प्रांतीय रक्षक दल, युवा कल्याण एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से वर्चुअल भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके अलावा 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती को प्रदेशभर में युवा चेतना दिवस रूप में मानते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी 13 जिलों के जिलामुख्यालयों से जुड़े युवाओं के साथ रोजगार और स्वरोजगार पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा राज्य स्तरीय निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता के प्रथम तीन श्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
डाॅ. रावत ने बताया कि युवा पखवाड़े के तहत आयोजित निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता में लगभग छह हजार प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया जबकि एक हजार छात्र-छात्राओं ने 545 यूनिट ब्ल्ड डोनेट किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष युवा पखवाड़े का आयोजन करेगी। डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार अब विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम तीन टाॅपर छात्रों को भी पुरस्कृत करेगी। जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के क्रमशः एक लाख, 75 हजार और 50 हजार का नगद पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। ये पुरस्कार साइंस, आर्ट और काॅमर्स संकाय में दिये जायेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आईएएस-पीसीएस परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक करोड़ रूपये खर्च करेगी। जबकि गरीबी के चलते रिसर्च न करने वाले 25 शोधार्थियों का भी सरकार खर्चा उठायेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में सरकार ने प्रत्येक महाविद्यालय में प्राचार्य और 97 फीसदी फैकल्टी की नियुक्ति हो चुकी है। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में 4जी नेटवर्क की सुविधा दे दी गई है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी सौम्या, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले उज्ज्वल शर्मा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अंजलि ममगांई को क्रमशः एक लाख, 75 हजार और 50 हजार रूपये का चैक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। वहीं ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस युवाओं की प्रेरणा’ विषय पर आयोजित वर्चुअल भाषण प्रतियोगिता के प्रथम तीन श्रेष्ठ प्रतिभागी गौतम खट्टर, हिमानी दुर्गापाल और रोहित रावत व अक्षी गौड़ को भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुरस्कृत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आदर्शां पर चलने का आहवान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवा आयोग का गठन करने जा रही है। युवा आयोग के माध्यम से युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा किया जायेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 103 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आजाद हिन्द फौज के सिपाही साधु सिंह बिष्ट को सम्मानित किया। इस दौरान सीएम ने कहा कि साधु सिंह बिष्ट आजाद हिन्द फौज का हिस्सा रहे। जिन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी। वहीं साधु सिंह बिष्ट ने नेताजी को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व को जिक्र किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, देहरादून के महापौर सुनील उनियाल गामा, विधायक कर्णप्रयाग सुरेन्द्र सिंह नेगी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति की उपाध्यक्ष दीप्ति रावत, सचिव उच्च शिक्षा दीपेन्द्र चौधरी, कुलपति भरसार विश्वविद्यालय प्रो. ए.के. कर्नाटक, कुलपति तकनीकी विवि प्रो. नरेन्द्र चौधरी, कुलपति श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि डाॅ. पी.पी.ध्यानी, कुलपति दून विवि प्रो. सुरेखा डंगवाल, सलाहकार उच्च शिक्षा प्रो. एमएसएम रावत, प्रो. के.डी. पुरोहित, निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. कुमकुम रौतेला अपर सचिव एमएम सेमवाल, संयुक्त निदेशक पी.के.पाठक, पूर्व निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. सबिता मोहन, एन.पीे. माहेश्वरी, नोडल रूसा डाॅ. ए.एस.उनियाल, डाॅ. रचना नौटियाल, डाॅ. दीपक पाण्डेय सहित उच्च शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, शिक्षक, एनसीसी कैडेट एवं छात्र-छात्राए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का बेहत्तर संचालन दून विश्वविद्यालय के प्रो. एच.सी. पुरोहित ने किया।

