उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए की श्रद्धांजलि अर्पित
देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए आजादी कें लिए संघर्ष करने वाले दिवंगत सेनानियों को श्रद्धांजली अर्पित क़ी।
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने आजादी कें मतवाले अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए आजदी कें लिए संघर्ष करने वालो को धन्यवाद दिया और दिवंगत सेनानियों को श्रद्धांजली अर्पित क़ी। राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारादेहरादून स्तिथ स्वतंत्रा संग्राम सेनानी परिवार कें सदस्यों को विशेष रूप से व्यक्तिगत दूरभाष पर दांडी यात्रा क़ी वर्षगांठ पर पूर्वजो को याद किया जिसमे जनकवि डा अतुल शर्मा , सुशील त्यागी , रंजना शर्मा , रेखा शर्मा , अजय राणा , मुकेश नरायण शर्मा आदि।
जगमोहन सिंह नेगी व वेदानन्द कोठारी ने कहा कि आज यानि 12 मार्च 1930 भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक अहम शुरुआत की तरह माना जाता है जिसमें महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा शुरु कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की नींव रखी थी। हमे अपने पूर्वजो कें बलिदान को याद रखना चाहिऐ।
प्रदीप कुकरेती व रामलाल खंडूड़ी ने देश क़ी आजादी के 75वे वर्ष पर आयोजित अमृत महोत्सव कें अवसर सभी स्वतंत्रता सेनानियो को नमन करते हुए महान स्वाधीनता सेनानी कवि श्री राम शर्मा प्रेम के पुत्र पुत्रियों को विशेष धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि वह आज भी अपने पिता स्वतंत्रता सेनानी श्रीराम शर्मा सम्मान कें नाम पर प्रति वर्ष विशेष क्षेत्र मे कार्य करने वाले को प्रदान करते है। प्रसिद्ध जनकवि डा अतुल शर्मा ने बताया कि उनके पिता साबरमती आश्रम मे महात्मा गांधी से मिले थे। सन् 1942को सेंट्रल सेकेट्रीएट दिल्ली मे गिरफ्तारी दी थी। उन्होने जेलों मे कविताएं लिखी थी। उनकी प्रसिद्ध कविता “करो राष्ट्र निर्माण बनाए मिट्टी से सोना “आज भी देश मे भर के शिशु मंदिर मे गाया जाता है।
ओमी उनियाल व शिवानंद चमोली ने बताया कि आज भी इनका परिवार रेखा शर्मा व रंजना शर्मा अतुल शर्मा साहित्य कें क्षेत्र मे लगातार कार्य कर रहे और पिता ने राष्ट्र कें लिए लड़ा और लिख तो डा अतुल ने इस पृथक राज्य कें लिए लड़ा और लिखा और यात्रा जारी है। प्रदीप कुकरेती ने बताया कि मुकेश नरायण शर्मा जी कें परिवार से साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे जो फक्र क़ी बात है।

