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देश में प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि राजा का राज हैं और राजा कभी किसी की नहीं सुनता:राहुल गांधी

देश में प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि राजा का राज हैं और राजा कभी किसी की नहीं सुनता:राहुल गांधी
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उधमसिंह नगर।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज किच्छा में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम किसानों को कहा कि तीन कानूनों के खिलाफ आप पत्थर जैसे, पहाड़ जैसे खड़े हो गए आपने एक इंच इनको नहीं दिया। कोई समझौता नहीं किया एक कदम पीछे नहीं लिया । उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों को न खरीद पाई, न डरा पाई ।किसानों के संघर्ष के आगे दमनकारी सरकार हार गई ।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज उधमसिंह नगर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया और कहा कि वे प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि राजा का राज हैं, और राजा कभी किसी की नहीं सुनता। किसान एक साल तक आंदोलन मंे रहे लेकिन प्रधानमंत्री उनसे बात करने तक राजी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान हमने किसानों की मांग पर 10 दिन में 70 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमारा घोषणापत्र हमारी शपथ है, उत्तराखंड में कांग्रेस के मुख्यमंत्री की ये जिम्मेदारी होगी कि घोषणापत्र के हर वादे को हकीकत की जमीन पर उतारा जाए। मोदी सरकार देश की जनता के लिए नहीं बल्कि चंद पूंजीपतियों के लिए है, वो जनता का पैसा लूटकर अपने उद्योगपति मित्रों में बांट रहे हैं। सरकार वो हो, जिससे जनता सीधा संवाद कर सके। अपने दुख दर्द बयां कर सके और सरकार उनकी समस्याओं का निवारण करे। कांग्रेस भरोसा दिलाती है कि ये एक जनप्रिय सरकार होगी, जनता के लिए,जनता द्वारा, जनता की सरकार। उत्तराखंड में किसानों की खुशहाली ही काँग्रेस का लक्ष्य है। इस बार किसानों के लिए अनेक योजनाओं को लेकर काँग्रेस सत्ता में आ रही है किसानों को उनका अधिकार दिलाना, भ्रष्ट तंत्र से मुक्त कराना, काँग्रेस का संकल्प है। इसके लिए काँग्रेस सत्ता में आते ही आवश्यक कार्यवाही करेगी। किसान और कांग्रेस का रिश्ता बहुत पुराना रहा है। कांग्रेस हमेशा ही किसानों के हित में कार्य करती आयी है। किसानों के जीवन को सफल, सरल और समृद्ध बनाना, कांग्रेस का लक्ष्य है।

दूसरा हिंदुस्तान गरीबों, किसानों व मजदूरों का है। उसमें आपको रोजगार नहीं मिलेगा। जमीन छीनी जाएगी। पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ेंगे। हम दो हिंदुस्तान नहीं, एक हिंदुस्तान चाहते हैं। एक दौर था, जिसे स्वर्णिम कहा जाता था। इसलिए कि किसानों व सरकार साझेदारी के साथ काम करती थी। उस समय के हिंदुस्तान में पीएम सुनता है, लेकिन आज मोदी प्रधानमंत्री नहीं हैं। नरेन्द्र मोदी सोचते हैं, राजा निर्णय लेता है तो जनता को चुप रहना चाहिए। अगर जनता चुप नहीं रहती है तो ईडी, सीबीआइ, पुलिस, पेगासस सब शुरू हो जाता है। जो नरेंन्द्र मोदी ने आपके साथ किया। आपको एक साल अकेला सड़क पर ठंड में कोविड के समय खड़ा कर दिया। कांग्रेस सरकार खत्म हो जाएगी। मर जाएगी, लेकिन ऐसा कभी नहीं करेगी।

इससे पूर्व कांग्रेस के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि राहुल गांधी का उत्तराखंड से विशेष नाता रहा है। आपके नाना पंडित जवाहर लाल नेहरू और पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने इस क्षेत्र को बसाया था। इसे तराई के नाम से जाता है। इस क्षेत्र की पंतनगर विश्वविद्यालय भी कांग्रेस की ही देन है। हरित क्रांति से लेकर श्वेत क्रांति, यानी जितनी भी क्रांति हुई। इसकी श्रेय पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को जाता है। जब आपदा आई थी। तब भी आप (राहुल गांधी) हमारे आंसू पोंछने आए। आपका यह एहसान उत्तराखंड कभी नहीं भूलेगा। जब किसानों पर काले कानून थोपे गए थे। जो पहली आवाज उठी। वह राहुल गांधी की थी। आपकी आवाज से ही किसानों ने आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन सफल रहा।

किसानों के लिए हरीश रावत ने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। हमारी सरकार बनने पर उन मुकदमों को वापस लेंगे। हमारी सरकार एमएसपी को लागू करेगी। साथ ही राज्य में हमारी सरकार 100 यूनिट बिजली फ्री देंगे।

राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, खटीमा के प्रत्याशी भुवन कापड़ी, सुमित हृदेश, मीना शर्मा, गणेश गोदियाल, जगदीश तनेजा, तिलक राज बेहड़, सुमित्तर भुल्लर सहित कई कांग्रेसी मौजूद थे।

देवभूमि खबर

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