सरकार की अनदेखी से आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों में रोष, पांच महीने का नहीं मिला वेतन
देहरादून।अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती रेनू नेगी ने उत्तराखंड स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आशा एवं आशा फैसिलिटेटरो के पांच महीने से वेतन न मिलने पर आपत्ति जताई।।
श्रीमती रेनू नेगी ने कहा कि पांच महीने से उत्तराखंड की पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्रों की गरीब महिलाओं को अपने दिनचर्या चलाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं के संगठन ने प्रदेश स्तर से शासन प्रशासन को अपनी समस्यायों के निराकरण हेतू लंबे समय से अवगत कराया।शासन प्रशासन आशा एवं फैसिलिटेटरो को पांच महीने से मानदेय देने के बारे में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।।पांच महीने से वेतन न मिलने पर भी उत्तराखंड की आशा एवं आशा फैसिलिटेटरो ने अपनी डियूटी को ईमानदारी व निष्ठा पूर्वक की है।
नेगी ने बताया शासन प्रशासन ने आशा एवं आशा फैसिलिटेटरो के लिए शासनादेश जारी किया। लेकिन जो पांच महीने से गरीब परिवार की आशाएं व आशा फैसिलेटर कार्यरत हैं कभी उन मात्र शक्ति की समस्यायों पर ध्यान नहीं दिया।आशा एवं आशा फैसिलिटेटरो को काम तो इतना दे रखा है लेकिन उचित मानदेय नहीं दिया जा रहा है ।

