देहरादून में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर बन रही थीं दवाएं; भारी मात्रा में दवाएं और मशीनें बरामद

देहरादून। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र में संचालित एक कथित अवैध इकाई का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और उनके निर्माण में प्रयुक्त मशीनें बरामद की गई हैं। मामले में अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्राम देवीपुर, ईस्ट होप टाउन (परवल) स्थित एक मकान में की गई।
छापेमारी के दौरान ईंटास, मैकलियोड्स और डॉ. रेड्डीज़ जैसी प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम से तैयार की गई कथित नकली दवाएं बरामद हुईं। इनमें Gabapin-100, Zoryl M2 और Cefolac-200 सहित कई दवाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार ऐसी नकली दवाएं मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
प्रारंभिक जांच में इस मामले के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। इसी के चलते उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। मामले में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेंद्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी विधिक कार्रवाई कर रहे हैं तथा संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि विभिन्न राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों के बीच समन्वय बढ़ाकर नकली दवा माफिया के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
वहीं आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकली दवाओं के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
