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कथित वोट चोरी के विरोध में निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंची आप, प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में

कथित वोट चोरी के विरोध में निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंची आप, प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में
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एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम काटे जाने पर उठाए सवाल, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग

देहरादून। कथित वोट चोरी और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री और युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु पुंडीर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया सहित पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। पार्टी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाने के पीछे क्या कारण हैं और इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से जनता को स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार नागरिकों की सबसे बड़ी ताकत है और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।

आप नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों का निष्पक्षता से निस्तारण किया जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आयोग को शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस का भय दिखाकर आम जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। पुलिस की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा और मतदाता सूची की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे लगातार उठाए जाते रहेंगे।

पार्टी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही आवश्यक है। पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार करने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।

प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव श्याम बाबू पांडेय, महिला मोर्चा अध्यक्ष मंजू शर्मा, छात्र इकाई अध्यक्ष अक्षय शर्मा, यामिनी आले, ऊषा शर्मा, जितेन पंथ, रेखा सिंह, राजीव तोमर, नरेंद्र सिंह और सीपी सिंह सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

देवभूमि खबर

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