16 करोड़ की परियोजना की एप्रोच रोड धंसी, कांग्रेस ने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट से मांगा जवाब
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पुल की एप्रोच रोड पहली ही बड़ी बारिश में धंसने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्मित पुल पर 12 जुलाई को यातायात शुरू हुआ था, लेकिन महज 16 दिन बाद 28 जुलाई को एप्रोच रोड धंस गई, जिससे निर्माण गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दसौनी ने कहा कि सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार परियोजना से जुड़ी फर्मों के साझेदारों में भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट का नाम भी सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रही, लेकिन दस्तावेजों के आधार पर भाजपा नेतृत्व और संबंधित पक्षों से जवाब मांगना जनता का अधिकार है।
कांग्रेस ने परियोजना के टेंडर आवंटन, निर्माण गुणवत्ता, मिट्टी की जांच, ड्रेनेज व्यवस्था, तकनीकी परीक्षण, भुगतान, निरीक्षण रिपोर्ट और हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) से जुड़े सात प्रमुख सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने आरोप लगाया कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी ठेके योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दिए जा रहे हैं या सत्ता से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक पदाधिकारी से जुड़ी फर्म को सरकारी परियोजना मिली है, तो पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
कांग्रेस ने मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि केवल एप्रोच रोड की मरम्मत पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि निर्माण मानकों का पालन हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि लापरवाही सामने आती है तो दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर जनता के धन की भरपाई कराई जानी चाहिए।

