केतन हत्याकांड में राजनीति से बचें, हाईकोर्ट की निगरानी में हो निष्पक्ष जांच: राकेश राणा

नई टिहरी। जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने प्रतापनगर के बहुचर्चित केतन हत्याकांड मामले में अनावश्यक राजनीति से बचने की अपील करते हुए कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है, जिसे राजनीतिक लाभ-हानि के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और ऐसे समय में समाज को संयम, शांति और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
राकेश राणा ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण प्रतापनगर आज राजनीतिक अखाड़ा बन गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, लेकिन निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
उन्होंने क्षेत्र के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। राणा ने कहा कि दोनों परिवार इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं और उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है। ऐसे में केवल बयानबाजी और राजनीति करने के बजाय समाज को पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस मामले को जातीय या सामाजिक रंग देने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की राजनीति से दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई सामाजिक एकता और संवेदनशीलता के साथ लड़ी जानी चाहिए, न कि विभाजनकारी सोच के साथ।
राकेश राणा ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाए। किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ बिना पर्याप्त साक्ष्यों के कार्रवाई न हो, जबकि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर दंड दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केवल मजिस्ट्रेट जांच तक सीमित न रखी जाए।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि केतन हत्याकांड की जांच मजिस्ट्रेट जांच के साथ-साथ उत्तराखंड हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज की निगरानी में विशेष जांच तंत्र के माध्यम से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि पारदर्शी और गहन जांच से सत्य सामने आएगा तथा दोषियों को सजा और निर्दोषों को न्याय मिलेगा।

