नशे के खिलाफ देहरादून प्रशासन का बड़ा एक्शन, 208 मुकदमे दर्ज, 237 आरोपी जेल भेजे

देहरादून। मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखंड के विजन को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने, नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी बढ़ाने और शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
मोथरोवाला क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे नशामुक्ति केंद्र की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल उसे सीज करने के आदेश दिए। साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित पुनर्वास एवं नशामुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
नशामुक्ति केंद्रों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से केंद्रों की गतिविधियों और व्यवस्थाओं की एक क्लिक पर निगरानी की जा सकेगी।
जिलाधिकारी ने कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में औचक निरीक्षण कर संदिग्ध मामलों की रैंडम सैंपलिंग कराने, छात्रों से अनिवार्य रूप से ई-शपथ भरवाने तथा नियमित एंटी ड्रग्स कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। पुलिस को पुराने अपराध आंकड़ों का जीआईएस आधारित विश्लेषण कर नशे के हॉटस्पॉट चिह्नित करने को कहा गया।
मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी, दवा एवं स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच, ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम, गांजा और भांग के अवैध उत्पादन एवं विपणन के खिलाफ कार्रवाई तथा छात्रावासों, पीजी, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 208 मुकदमे दर्ज कर 237 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है। डिमांड और सप्लाई चेन से जुड़े 40 अभियुक्तों के खिलाफ धारा 29 तथा चार अभियुक्तों के खिलाफ धारा 27ए के तहत कार्रवाई की गई है।
औषधि विभाग ने जुलाई 2026 तक 58 औचक निरीक्षण किए, जिनमें 15 संदिग्ध मामलों में ड्रग्स के नमूने लिए गए। नकली अथवा मिलावटी दवाओं से जुड़े चार मामलों में एफआईआर दर्ज कर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
75 बेड के नशामुक्ति केंद्र के लिए 132 लाख जारी
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि रायवाला के समीप 0.4050 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित 75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र के भवन निर्माण के लिए 775.09 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई है। इसके सापेक्ष भारत सरकार द्वारा पहली किश्त के रूप में 132 लाख रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार सहित स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा, समाज कल्याण, आबकारी एवं औषधि विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित सदस्य मौजूद रहे।
