ईडी की बड़ी कार्रवाई: इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड की 43.65 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

अहमदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) के मामले में 25 सितंबर 2026 को 43.65 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में यस बैंक में ईआईएल के दो बैंक खातों में जमा 25.08 करोड़ रुपये तथा कंपनी के प्रवर्तकों के पास मौजूद ईआईएल के 13,57,775 शेयर शामिल हैं, जिनका मूल्य 18.57 करोड़ रुपये आंका गया है।
ईडी ने यह जांच मुंबई स्थित सीबीआई की बैंकिंग, प्रतिभूति एवं वित्तीय धोखाधड़ी शाखा द्वारा बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर इलेक्ट्रोथर्म इंडिया लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता, 1860 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि वर्ष 2007 से 2013 के दौरान बैंक से प्राप्त ऋण सुविधाओं की राशि को गलत तरीके से दूसरी जगह भेजकर उसका दुरुपयोग किया गया।
जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कंपनी के विस्तार के लिए स्वीकृत ऋण राशि जारी होने के तुरंत बाद निर्धारित उद्देश्य के विपरीत पुरानी देनदारियों के भुगतान में लगा दी गई। इसके अलावा, ईआईएल द्वारा विभिन्न संस्थाओं को धनराशि हस्तांतरित की गई, जिसे प्राप्त होने के कुछ समय बाद ही बड़ी गोल रकम के रूप में नकद निकाल लिया गया। कई मामलों में धनराशि को अन्य संस्थाओं के माध्यम से घुमाकर नकद निकासी की गई। वर्ष 2007 से 2013 के बीच ईआईएल के बैंक खातों से करोड़ों रुपये की नकद निकासी किए जाने की भी जानकारी जांच में सामने आई है।
ईआईएल पर बैंक की बकाया देनदारी 631.97 करोड़ रुपये थी। बाद में इस खाते को 550 करोड़ रुपये में एडेलवाइस एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को हस्तांतरित किया गया, जिससे बैंक को 81.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ईडी ने जनवरी 2025 में पीएमएलए के तहत कंपनी तथा उसके निदेशक और प्रवर्तकों के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान 38.32 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त अथवा फ्रीज की गई थीं, जिसकी पुष्टि पीएमएलए के सक्षम निर्णायक प्राधिकरण द्वारा की गई थी। वर्तमान में की गई 43.65 करोड़ रुपये की कुर्की के बाद इस मामले में जब्ती, फ्रीजिंग और कुर्की की कुल राशि बढ़कर 81.97 करोड़ रुपये हो गई है।
