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म्यांमार मूल की सुपारी तस्करी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 8.12 करोड़ की 10 अचल संपत्तियां कुर्क

म्यांमार मूल की सुपारी तस्करी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 8.12 करोड़ की 10 अचल संपत्तियां कुर्क
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आइजोल उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने म्यांमार मूल की सूखी सुपारी की संगठित सीमा-पार तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8.12 करोड़ रुपये मूल्य की 10 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 5(1) के तहत की गई है।

ईडी की जांच सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, इंफाल में दर्ज प्राथमिकी और 29 अगस्त 2025 को दाखिल आरोप पत्र संख्या 07/2025 के आधार पर शुरू हुई। सीबीआई की जांच में म्यांमार से मिजोरम के रास्ते भारत में सूखी सुपारी की बड़े पैमाने पर तस्करी किए जाने का आरोप सामने आया था। तस्करी के लिए फर्जी ई-वे बिल, जाली दस्तावेज और अन्य माध्यमों के इस्तेमाल की बात भी जांच में सामने आई।

जांच के अनुसार करीब 3,103 मीट्रिक टन सूखी सुपारी की कथित तस्करी की गई, जिसका आकलित मूल्य लगभग 1,022.25 करोड़ रुपये था। इससे करीब 408.90 करोड़ रुपये के मूल सीमा शुल्क के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
जांच में सामने आया कि म्यांमार के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा तियाउ नदी तथा जोखावतार और चम्फाई के आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों के माध्यम से सुपारी भारत में लाई जाती थी। मिजोरम में सक्रिय स्थानीय सहयोगी तस्करी की सुपारी की खरीद, भंडारण और परिवहन की व्यवस्था करते थे तथा उसे असम और अन्य राज्यों में भेजने में मदद करते थे।

जांच एजेंसी के अनुसार सीमा शुल्क अधिकारियों के समक्ष जब्त खेपों के दावेदार अथवा मालिक के रूप में स्थानीय लोगों का इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा म्यांमार में स्थित आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान के निपटारे के लिए बैंक खातों और धन विनिमय करने वालों के माध्यम से बड़ी मात्रा में धनराशि भेजे जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
ईडी की तलाशी कार्रवाई के दौरान आरोपियों और अन्य लाभार्थियों के विभिन्न बैंक खातों को पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज किया गया था। इन खातों में करीब 1.20 करोड़ रुपये की राशि पाई गई थी।

ईडी की पीएमएलए जांच, बैंक खातों की पड़ताल और तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों की जांच में तस्करी से अर्जित धन से संबंधित महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन, नकद जमा एवं निकासी तथा अचल संपत्तियों की खरीद का पता चला।

जांच में जोसांगपुई, थांगखानमुंगा, जोनसांगा और संगनेहवेला की कथित भूमिका सामने आई है। ईडी के अनुसार इन लोगों की भूमिका म्यांमार मूल की तस्करी की गई सुपारी की खरीद, परिवहन, भंडारण और व्यापार तथा उससे आर्थिक लाभ अर्जित करने में रही।

ईडी ने जांच के दौरान तस्करी से अर्जित धन से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का पता लगाया। इनमें चम्फाई के बेथेल वेंग में स्थित होटल जेड और उससे संबंधित भूमि भी शामिल है, जिसकी कीमत करीब 6.29 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में दावा किया गया कि होटल जेड का निर्माण म्यांमार मूल की सुपारी की अवैध तस्करी और व्यापार से अर्जित धन से किया गया।

ईडी ने 4 सितंबर 2026 के अस्थायी कुर्की आदेश संख्या 04/2026 के तहत कुल 8,12,74,399 रुपये मूल्य की 10 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। इनमें होटल जेड के अलावा चम्फाई और आसपास के क्षेत्रों में स्थित आवासीय भूमि तथा अन्य भू-संपत्तियां शामिल हैं।

अचल संपत्तियों की कुर्की से 8.12 करोड़ रुपये तथा पहले फ्रीज किए गए करीब 1.20 करोड़ रुपये के बैंक खातों को मिलाकर मामले में अब तक करीब 9.33 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित संपत्ति सुरक्षित की गई है। मामले में ईडी की आगे की जांच जारी है।

देवभूमि खबर

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