कांवड़ यात्रा के बीच हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा — विवाहोत्तर संबंध के चलते ई-रिक्शा चालक की हत्या, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार

कांवड़ यात्रा के बीच हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा — विवाहोत्तर संबंध के चलते ई-रिक्शा चालक की हत्या, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार
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हरिद्वार ।जनपद के थाना पथरी क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक ई-रिक्शा चालक की गला घोंटकर की गई हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या विवाहोत्तर संबंधों के चलते की गई, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

घटना 14 जुलाई 2025 की है, जब थाना पथरी क्षेत्र अंतर्गत एक आम के बाग में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की पहचान 48 वर्षीय प्रदीप पुत्र ओमप्रकाश निवासी अंबुवाला, थाना पथरी के रूप में हुई। मृतक के भतीजे मांगेराम की तहरीर पर पुलिस ने थाना पथरी में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

विवेचना के दौरान पुलिस को मिले महत्वपूर्ण सुरागों और मोबाइल नंबरों की जांच (सीडीआर) से यह खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी रीना का गांव के ही सलेक नामक व्यक्ति से अवैध प्रेम संबंध था। रीना की यह दूसरी शादी थी। पहले पति की बीमारी से मौत के बाद उसने प्रदीप से विवाह किया था, लेकिन इस विवाह से भी वह संतुष्ट नहीं थी। रीना और सलेक का प्रेम प्रसंग काफी समय से चल रहा था और दोनों ने मिलकर प्रदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पुलिस की पूछताछ में रीना ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने प्रेमी सलेक के साथ मिलकर पति की हत्या का षड्यंत्र रचा। प्रदीप की गला घोंटकर हत्या की गई और शव को आम के बाग में फेंक दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद दोनों अभियुक्त मृतक के तीजे के बाद गांव से भागकर कहीं और नई ज़िंदगी शुरू करने की योजना बना रहे थे।

16 जुलाई को पुलिस ने सलेक को लक्सर स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। सलेक की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गमछा (साफा) भी बरामद कर लिया है। इस हत्या ने न केवल दो लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, बल्कि पांच मासूम बच्चों का भविष्य भी संकट में डाल दिया है। रीना की पहली शादी से तीन बेटियाँ हैं और प्रदीप से दो बच्चे हैं, जो अब माता-पिता दोनों से वंचित हो गए हैं।

इस पूरे मामले में थाना पथरी पुलिस टीम ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश को उजागर किया। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल सहित उप निरीक्षक, कांस्टेबल और सीआईयू शाखा के अधिकारी शामिल रहे। हरिद्वार पुलिस की यह सफलता कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और सतर्कता के लिए किए जा रहे प्रयासों की एक मिसाल है।

देवभूमि खबर

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