धनतेरस एवं दीपावली के दौरान मुस्तैद रही कैम्प 108 सेवा — प्रदेशभर में 672 लोगों को मिली आपातकालीन एम्बुलेंस सहायता
देहरादून। कैम्प 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा मुख्यालय देहरादून में जी0एम0 प्रोजेक्ट्स अनिल शर्मा ने धनतेरस एवं दीपावली के दौरान 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं की मुस्तैदी और आपात स्थिति में दी गई सेवाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों में तैनात जिला कार्यक्रम अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फीडबैक लिया।
अधिकारियों ने बताया कि त्योहारी सीजन के मद्देनज़र मुख्यालय द्वारा जारी विशेष अलर्ट के तहत 108 एम्बुलेंस सेवाएं पूरे प्रदेश में पूरी तत्परता से संचालित रहीं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से की गई तैयारियों का सीधा लाभ एम्बुलेंस कर्मियों को मिला।
श्री शर्मा ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर तैनात एम्बुलेंस जाम में न फंसे, इसके लिए केंद्रीय कॉल सेंटर से तकनीकी सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि अधिक कॉल आने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त तकनीकी स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे आपातकालीन स्थिति में सभी एम्बुलेंस समय पर सहायता के लिए रवाना की जा सकीं।
धनतेरस से दीपावली के बीच (19 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2025) प्रदेशभर में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से कुल 672 लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। इनमें देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी और उधमसिंह नगर में तीन गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा कराया गया तथा जच्चा-बच्चा को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
जनपदवार विवरण के अनुसार इस अवधि में देहरादून में 147, हरिद्वार में 109, उधमसिंह नगर में 104, नैनीताल में 58, पौड़ी में 40, टिहरी में 33, उत्तरकाशी में 38, पिथौरागढ़ में 34, अल्मोड़ा में 31, चमोली में 24, चंपावत में 18, बागेश्वर में 15 तथा रुद्रप्रयाग में 21 आपातकालीन केस दर्ज किए गए। इनमें 7 जलने की घटनाएं, 24 कार्डियक, 187 गर्भावस्था, 3 एम्बुलेंस में प्रसव, 86 सड़क दुर्घटनाएं एवं 365 अन्य मामले शामिल रहे।
श्री शर्मा ने त्योहार के दौरान गठित मोबाइल टीमों के औचक निरीक्षण के दौरान एम्बुलेंस कर्मियों की तत्परता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ जनता की सेवा जारी रखी जाएगी।
