फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण-पत्र से एमबीबीएस प्रवेश का मामला, चारों अभियुक्तों के पते निकले फर्जी

देहरादून। NEET-UG 2025 के माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी के प्रमाण-पत्र का कथित रूप से इस्तेमाल कर आरक्षण अथवा कोटा का लाभ लेकर प्रवेश प्राप्त करने के मामले में देहरादून पुलिस की एसआईटी ने गहन जांच शुरू कर दी है। अब तक की विवेचना में प्रकरण से जुड़े चारों अभियुक्तों के अभिलेखों में दर्ज दाखिले के पते सत्यापन के दौरान फर्जी पाए गए हैं।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 18 सितंबर 2026 को दर्ज अभियोगों की विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया था। एसआईटी द्वारा मामले से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार NEET-UG 2025 के माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए कुछ अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी के प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल कर आरक्षण अथवा कोटा का लाभ लिए जाने के संबंध में थाना क्लेमेंटाउन और थाना रायपुर में संबंधित अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा धर्मवीर के नाम से फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रेणी के प्रमाण-पत्र का लाभ लेकर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया गया। प्रमाण-पत्र से संबंधित तथ्यों की पुष्टि के लिए एसआईटी ने धर्मवीर के परिजनों से संपर्क किया। इस दौरान उनके पुत्र और पौत्र के बयान दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा प्रमाण-पत्र से संबंधित राजस्व अभिलेखों और प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने के लिए जांचकर्ता पटवारी के बयान भी दर्ज किए गए हैं। एसआईटी ने प्रकरण से संबंधित अभियुक्तों के अभिलेखों में दर्ज पतों का सत्यापन कराया, जिसमें चारों अभियुक्तों के पते फर्जी पाए गए।
प्रकरण में प्रयुक्त प्रमाण-पत्रों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की वास्तविकता एवं वैधता की पुष्टि के लिए संबंधित विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थानों से पत्राचार किया गया है। संबंधित संस्थानों से प्राप्त होने वाली जानकारी और दस्तावेजों का भी विवेचना के दौरान परीक्षण किया जा रहा है।
देहरादून पुलिस द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों का विधि अनुसार संकलन एवं परीक्षण किया जा रहा है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी देहरादून ने कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष एवं साक्ष्यपरक जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शैक्षणिक प्रवेश अथवा आरक्षण का अनुचित लाभ लिए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
