यूसीसी में लिव-इन रिलेशन प्रावधान और प्रीपेड मीटर के खिलाफ कांग्रेस का विधानसभा घेराव
देहरादून।भाजपा सरकार द्वारा राज्य में लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में लिव-इन रिलेशन का प्रावधान किए जाने और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी और महिला कांग्रेस के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा और महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने किया।
कांग्रेस कार्यकर्ता हरिद्वार रोड स्थित होटल हिम पैलेस के पास एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर कूच किया। इस दौरान उन्होंने यूसीसी में लिव-इन रिलेशन का प्रावधान किए जाने और राज्य में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाने का विरोध किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यूसीसी में लिव-इन रिलेशन का प्रावधान उत्तराखंड की संस्कृति के खिलाफ है और कांग्रेस इसका विरोध करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार यूसीसी के माध्यम से बाहरी लोगों को मात्र एक वर्ष के निवास पर उत्तराखंड का निवासी बनाने की साजिश कर रही है और यह समाज में अव्यवस्था को बढ़ावा देगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा खुद को सनातन धर्म की रक्षक बताती है, लेकिन उसका आचरण सनातन धर्म की मर्यादाओं के खिलाफ है।
इसके अलावा, उन्होंने राज्य में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले से ही प्रदेश की जनता भारी भरकम बिजली के बिलों से परेशान है, ऐसे में प्रीपेड मीटर जबरन थोपना जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस इस फैसले का पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि सरकार इस योजना को तत्काल वापस ले।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी यूसीसी में लिव-इन रिलेशन के प्रावधान को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान राज्य की संस्कृति को नष्ट करने वाला है और इससे महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रावधान के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रखेगी और मांग करती है कि राज्य सरकार इस पर तुरंत रोक लगाए।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, विधायक, प्रवक्ता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह यूसीसी के इस प्रावधान और प्रीपेड मीटर जैसी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

