मसूरी में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान टकराव की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण : कांग्रेस

देहरादून। कांग्रेस ने मसूरी में भूमि घोटाले के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर टकराव पैदा करने की कोशिश पर कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी की ओर से कहा गया कि चुनिंदा भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर, नारेबाजी और लाठी-डंडों के सहारे माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, जो दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक राजनीतिक दल और नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। विरोध यदि सांकेतिक, विचारों पर आधारित और राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप हो तो इससे लोकतंत्र मजबूत होता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की लोकतंत्र में अपनी-अपनी भूमिका है। कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए उसने भी जनहित के मुद्दों पर अनेक आंदोलन और प्रदर्शन किए हैं, लेकिन हमेशा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया और विरोध को हिंसक टकराव में बदलने का प्रयास नहीं किया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा नकारात्मक राजनीतिक परंपरा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, जो उत्तराखंड की स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति के लिए उचित नहीं है। कांग्रेस ने भाजपा को अपने राजनीतिक आचरण पर आत्ममंथन करने की नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र और राजनीतिक शिष्टाचार का पालन सभी दलों की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध का जवाब राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से ही दिया जाएगा। डराने, धमकाने और हिंसक टकराव के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। पार्टी ने कहा कि वह लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार के साथ खड़ी है, लेकिन हिंसा और अराजकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में लाठी नहीं, बल्कि तर्क की ताकत चलनी चाहिए और राजनीति सत्ता के अहंकार से नहीं, जनता की आवाज से संचालित होनी चाहिए।


