क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 9 लाख की साइबर ठगी, पौड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के दूसरे आरोपी को राजस्थान से दबोचा
शातिर अभियुक्त की गिरफ्तारी पर SSP पौड़ी ने घोषित किया था 5000 रु इनाम, एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल
पौड़ी ।पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दूसरे सदस्य को राजस्थान से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गैंग फर्जी ऑनलाइन ऐप डाउनलोड कराकर निवेशकों को अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगी करता था। इस गिरोह के पहले आरोपी को पुलिस पहले ही हरियाणा से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
20 अक्टूबर 2024 को पौड़ी निवासी सैम्पी भंडारी ने कोतवाली पौड़ी में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के जरिए ANT GPT क्रिप्टो करेंसी और माइनिंग ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया और उनसे 9,20,500 रुपये की साइबर धोखाधड़ी कर ली। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली पौड़ी में मु.अ.सं. 52/2024, धारा-420 भादवि के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चंद्र मोहन के पर्यवेक्षण, पुलिस उपाधीक्षक सदर त्रिवेंद्र सिंह राणा के निर्देशन और कोतवाली प्रभारी कमलेश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। विवेचना के दौरान पता चला कि साइबर ठगी करने वाला गिरोह हरियाणा से संचालित हो रहा था। पुलिस ने हरियाणा में दबिश देकर 21 मार्च 2025 को गैंग के एक सदस्य करन शर्मा को पानीपत से गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई। जांच में पता चला कि गिरोह का दूसरा सदस्य अभिषेक शर्मा, निवासी जयपुर, राजस्थान इस ठगी में शामिल था। वह बेहद शातिर साइबर अपराधी था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी ने 5000 रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस टीम ने लगातार सुराग जुटाए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 30 मार्च 2025 को उसे जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी अभिषेक शर्मा को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है।

